करीब एक लाख की आबादी को चिकित्सा सुविधा देने के लिए खोले गए डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार साल से महिला डॉक्टर का पद रिक्त चल रहा है। 2013 में यहां से महिला डॉक्टर का स्थानांतरण हो गया। तब से किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई।
डीडीहाट अस्पताल में नगर क्षेत्र के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। ओगला, चर्मा, अस्कोट, नारायणनगर, थल, भागीचौरा, आदीचौरा के लोगों के लिए सिर्फ यही अस्पताल सहारा है, लेकिन यहां पर संसाधनों, सुविधाओं और स्टाफ की कमी के कारण गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों ने पिछले दिनों डॉक्टरों के सभी पद भरने के साथ-साथ सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन चलाया था।
आंदोलन के बाद सरकार ने अस्पताल में एक-दो डॉक्टरों की तैनाती तो कर दी, लेकिन महिला डॉक्टर की अब तक तैनाती नहीं हो पाई है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. दीपक कृपाल ने कहा कि महिला डॉक्टर न होने से कई बार दिक्कत का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में पद रिक्त होने की जानकारी सीएमओ के स्तर से हर माह शासन को भेजी जाती है।
महिला डॉक्टर की तैनाती की जाए
महिला डॉक्टर का इतने बड़े क्षेत्र में पद रिक्त होना गंभीर है। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुष्पा देउपा, डीडीहाट निवासी
महिलाओं की ऐसी उपेक्षा ठीक नहीं
सरकार महिलाओं के लिए सुविधा बढ़ाने की बात तो करती है, लेकिन जहां पर महिलाओं के लिए चिकित्सा की सुविधा न हो, वहां पर अन्य सुविधाओं की बात करना बेमानी होगी।
भावना कन्याल, डीडीहाट निवासी