बहू का दहेज के लिए उत्पीड़न करने वाले ससुर को जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन साल के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उत्पीड़न से तंग आकर विवाहिता ने आत्महत्या कर दी थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रबल्लभ उप्रेती ने बताया कि मड़मानले के निकट अखुली गांव निवासी मीना देवी ने पांच सितंबर 2012 को अपने घर ही जहर खाकर आत्महत्या कर दी थी। मीना के पिता शिव सिंह ने उसके पति धर्मेंद्र सिंह, ससुर कल्याण सिंह, सास और बूढ़ी सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया गया है कि मीना के साथ इससे पहले कई बार मारपीट की घटना हुई। मीना ने अपने ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन मामले में राजीनामा कर दिया गया। ससुरालियों ने राजीनामा होने के बाद भी मीना का उत्पीड़न बंद नहीं किया।
जिला जज सिकंद कुमार त्यागी ने इस मामले में मृतका के पति और दोनों सास को दोषमुक्त करार दिया, लेकिन ससुर कल्याण सिंह को मीना की मौत के लिए धारा 498 ए में जिम्मेदार मानते हुए सजा सुना दी। बताया गया है कि मीना देवी का विवाह मृत्यु से ठीक चार साल पहले हुआ था।