गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) । रबी की फसल के लिए पर्याप्त बारिश होने से क्षेत्र के किसान खुश तो हैं लेकिन उन्हें वन्य जीवों का भय सता रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों में हाड़ तोड़ मेहनत करने के बावजूद जंगली जानवर फसलों को रहने नहीं देते हैं। उनका कहना है कि सरकार को खेतीबाड़ी बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। जंगली सुअर रात को तो बंदर, लंगूर दिन में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। बंदर और लंगूरों के भय से कई गांवों के लोगों ने घर के आसपास के खेतों में सब्जियां उगानी बंद कर दी हैं। फलदार पौधों से फलों को खा कर टहनियों को तोड़ दे रहे हैं।
गृहिणी किरन पंत का कहना है कि फसल लगाने के लिए खुद की मेहनत के साथ मजदूर लगाने पड़ते हैं। बारिश के बाद 80 फीसदी फसल होने की उम्मीद है लेकिन वन्य जीवों से रखवाली करनी पड़ रही है। रात में सुअरों का झुंड खेत खोद कर जाते हैं। पुष्पा देवी का कहना है कि रोज बंदरों की टोली खेतों से फसल उजाड़ रही है। दिन-रात मेहनत करने के बाद भी फसल हाथ में नहीं आती है। गरिमा भट्ट का कहना है कि क्यारी में सब्जी उगाने में लगी मेहनत को बंदर एक ही बार में नष्ट कर जाते हैं। गोविंदी महरा का कहना है कि वन्य जीवों से फसलों की रक्षा करने को कोई सुनने वाला नहीं है।
कोट:
बंदरों को पकड़ने के लिए उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है। लक्ष्य मिलने पर निविदा आमंत्रित की जाएगी। - राजेंद्र महरा, वन क्षेत्राधिकार गंगोलीहाट