पिथौरागढ़ में किसानों को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस
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सीएम को काले झंडे दिखाने जा रहे डेढ़ दर्जन किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और किसानों में तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस बल के आगे किसानों की एक न चली। आंदोलित किसानों को चार घंटे पुलिस हिरासत में रखा गया। सीएम के जाने के बाद किसानों को रिहा किया गया।
शनिवार सुबह साढ़े दस बजे किसान नगरपालिका में एकत्र हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। किसानों ने फसली ऋण माफ करने और उत्पीड़न बंद करने की मांग की। इसके बाद किसान लोनिवि परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद सीएम को काले झंडे दिखाने के लिए रवाना हुए। किसानों के रामलीला मैदान से बाहर निकलते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर किसान भड़क उठे और जबरन जाने की कोशिश करने लगे। इसे लेकर किसानों और पुुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने मौके से सभी किसानों को गिरफ्तार कर लिया। किसानों को 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक पुलिस लाइन और कोतवाली में हिरासत में रखा गया। सीएम के नगर से जाने के बाद किसानों को रिहा कर दिया गया।
किसानों ने पुलिस की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार दिया। कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान सुभाष जोशी, प्रेम कुमार, शंकर राम कोहली, जगदीश प्रसाद, उमेश उप्रेती, जगदीश विश्वकर्मा, नरेंद्र सिंह, नारायण सिंह, ज्ञानी राम, बीडी कोहली, मनीराम, केेेेशोराम, राजेंद्र प्रसाद, नवीन राय, जोगाराम, मोहन राम, हरीश राम, प्रकाश राम आदि किसान थे।