पंचेश्वर बांध के विरोध में प्रदर्शन करते उपरतोला गांव के लोग
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महाकाली नदी पर बनने वाले पंचेश्वर बांध के विरोध की लहर सरयू और रामगंगा नदी के किनारे रहने वाली आबादी तक पहुंच गई है। रामगंगा नदी के किनारे स्थित उपरतोला गांव में भी ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया और बांध की ऊंचाई कम करने की मांग की। उपरतोला गांव भी डूब क्षेत्र में आ रहा है, लेकिन इस गांव तक बांध की डीपीआर बृहस्पतिवार की शाम पहुंच पाई। लोग बांध को लेकर आशंका में हैं। उनका कहना है कि यह बांध कई गांवों का अस्तित्व समाप्त कर देगा।
संचार सुविधा से विहीन और पैदल रास्ते पर पड़ने वाले इस गांव के लोगों को अब तक बांध निर्माण को लेकर चल रही कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं थी। जैसे ही डीपीआर पहुंची तो लोग क्षेत्र पंचायत सदस्य ललित प्रसाद और ग्राम प्रधान नीला देवी के नेतृत्व में एकत्र हो गए। लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि वह अपने गांव को बांध के पानी में नहीं डूबने देंगे। यदि सरकार ने जबर्दस्ती की तो गांव के लोग जलसमाधि ले लेंगे फिर भी अपने गांव को नहीं छोड़ेंगे। उपरतोला गांव में भी महाकाली की आवाज संगठन बन गया है।
प्रधान ने कहा कि बांध का पुरजोर विरोध होगा। प्रदर्शन करने वालों में भूपाल चंद, सुरेश राम, जय राम, फकीर राम, अशोक कुमार, तारा चंद, अनिल कुमार के अलावा महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। सरयू और रामगंगा घाटी के अन्य गांवों में भी अब विरोध की तैयारी शुरू होने लगी है।
लिखित में भी दे सकते हैं बांध को लेकर सुझाव
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि पंचेश्वर बांध को लेकर 11 अगस्त को पिथौरागढ़ विकास भवन में प्रस्तावित जनसुनवाई में यदि कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं हो सकता है तो वह अपने सुझाव या आपत्ति लिखित में नौ अगस्त तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र के सभी गांवों का वन विभाग और राजस्व विभाग के माध्यम से संयुक्त निरीक्षण कराया जा रहा है। डीएम ने कहा कि बांध की डीपीआर की प्रति पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, डीडीहाट, धारचूला और कनालीछीना के तहसीलदार कार्यालयों में रखी गई है। इसके अलावा पुनर्वास के प्रस्ताव डूब क्षेत्र के सभी 89 गांवों के प्रधानों को भेज दिए गए हैं। लोग इनका सुबह 10 बजे से अपरान्ह पांच बजे तक अवलोकन कर सकते हैं।