पिथौरागढ़। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) और अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा तिथि में एक दिन का भी अंतराल न होने से अभ्यर्थी परेशान हैं। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के साथ ही चंपावत, बागेश्वर सहित अन्य पर्वतीय जिले के अभ्यर्थियों को हरिद्वार में आयोजित होने वाली यूकेपीएससी की परीक्षा देकर अगले दिन नौ दिसंबर को सुबह 300 से 450 किमी का सफर तय कर अपने जिले में आयोजित यूकेएसएसएससी की परीक्षा देने पहुंचना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। 12 से 16 घंटे का सफर तय कर अभ्यर्थी दूसरी परीक्षा के लिए केंद्रों तक कैसे पहुंचेंगे यह बड़ा सवाल है।
दरअसल यूकेएसएसएससी की स्टेनो की लिखित परीक्षा आगामी 8 दिसंबर को प्रस्तावित है। इससे ठीक एक दिन पूर्व सात दिसंबर को यूकेपीएससी ने भी स्टेनो से संबंधित अपर निजी सचिव की टाइपिंग परीक्षा की तिथि तय की है। दोनों पदों पर रोजगार पाने के लिए पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर सहित अन्य पर्वतीय जिलों के हजारों युवाओं ने आवेदन किया है। यूकेपीएससी की परीक्षा आठ दिसंबर को सिर्फ हरिद्वार में सुबह से शाम तक कई पालियों में होनी है। दूसरे दिन यानी नौ दिसंबर को अपने जिले में फिर यूकेएसएसएससी की परीक्षा है। दूरस्थ जिलों के अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अपने जिले में बने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना होगा। इसके लिए उन्हें देर शाम हरिद्वार से 12 से 16 घंटे का 300 से 450 किमी का सफर तय करना पड़ेगा जो लगभग हर अभ्यर्थी के लिए संभव नहीं होगा। ऐसे में कई अभ्यर्थी इन परीक्षाओं से वंचित हो सकते हैं। उनकी मेहनत बेकार होने के साथ ही उनका रोजगार पाने का सपना टूट सकता है। संवाद
टाइपिंग परीक्षा अक्तूबर महीने में थी प्रस्तावित
पिथौरागढ़। परीक्षा तिथियों से परेशान अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर सात व नौ दिसंबर की टाइपिंग परीक्षा किसी अन्य दिन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यूकेपीएससी के कैलेंडर के अनुसार पहले टाइपिंग परीक्षा अक्तूबर में प्रस्तावित थी, लेकिन आयोग इसे निर्धारित समय पर नहीं करा सका। अब दोनों परीक्षाएं एक साथ होने से उनकी दिक्कत बढ़ गई है जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
कोट
वैयक्तिक सहायक की लिखित परीक्षा 8 दिसंबर को प्रस्तावित है। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को दो परीक्षा केंद्र चयन का विकल्प दिया जाता है। अभ्यर्थियों के चयनित विकल्प के अनुसार ही उन्हें प्रथम या द्वितीय परीक्षा केंद्र दिया जाएगा। - जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, यूकेएसएसएससी।