पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट में चिकित्सक बेटे की मौत के बाद पूर्व सैनिक पिता पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। पांच साल पहले पहाड़ी से गिरकर पूर्व सैनिक की पत्नी की मौत हो चुकी है। पत्नी का साथ छूटने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाकर हौसले से बेटे को डॉक्टर बनाया। अब डॉक्टर बेटा भी उनका साथ हमेशा के लिए छोड़ गया।
डीडीहाट के लखतीगांव निवासी पूर्व सैनिक प्रेम राम अपनी पत्नी पार्वती देवी, दो बेटी और एक बेटे के साथ हंसी-खुशी जीवन बिता रहे थे। छह साल पहले उनका दुखों से सामना शुरू हुआ जो अब तक जारी है। छह साल पहले अचानक बड़ी बेटी की 20 साल की उम्र में मौत हो गई। वह इस दुख से उबर भी नहीं सके थे कि इसके अगले ही साल घास काटने गई पत्नी पहाड़ी से गिरकर काल के गाल में समा गई।
बेटी और पत्नी की मौत का दुख सहते हुए वह प्रेम राम हौसले के साथ छोटी दिव्यांग बेटी की देखभाल के साथ ही बेटे लक्ष्मण को डॉक्टर बनाने में जुटे रहे। उम्मीद थी कि उनका बेटा डॉक्टर बनेगा और उसका घर बसने के बाद फिर से परिवार में खुशियां लौटेंगी लेकिन उनकी यह उम्मीद शनिवार को हुई घटना से चकनाचूर हो गई। बेटे लक्ष्मण का दाखिला वर्ष 2018 में दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए हुआ था।
वर्ष 2024 में डॉक्टर बनने के बाद उन्हें सिंगाली स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती मिली। बीते शनिवार को वह दोस्तों के साथ घूमने चंडाक पहुंचे जहां उन पर मौत झपट पड़ी। कार के गिरने से उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत से पूर्व सैनिक पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे की मौत की सूचना के बाद से प्रेम राम बदहवास है जबकि दिव्यांग बहन इकलौते भाई का साथ हमेशा के लिए छूटने से गहरे सदमे में है।
दोनों साथियों की हालत खतरे से बाहर
डॉ. लक्ष्मण बीते शनिवार शाम पांच बजे धारचूला से आ रहे अपने साथी दिव्यांशु की कार में सवार होकर जिला मुख्यालय पहुंचा। यहां उनके साथी डॉ. रवि भी दोनों का इंतजार कर रहे थे। तीनों साथ मिले और देर रात घूमने के लिए चंडाक की तरफ निकल पड़े। लक्ष्मण को यह मालूम नहीं था कि स्वीमिंग पूल के पास मौत उनका इंतजार कर रही है। हादसे में उनके दोनों साथी सुरक्षित बच गए। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।