पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट करने के विरोध में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन।
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पिथौरागढ़ में पर्यावरण बटालियन की दो कंपनियों को गुजरात और राजस्थान शिफ्ट करने के फैसले से आक्रोशित जिले के पूर्व सैनिकों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। कड़ाके की ठंड के बीच पूर्व सैनिकों ने कहा कि पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट करना प्रदेश और सीमांत जिले के लोगों के साथ ही पूर्व सैनिकों के हितों की अनदेखी है।
संगठन के जिलाध्यक्ष मयूख भट्ट के नेतृत्व में जिले भर के पूर्व सैनिक कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना शुरू किया। उन्होंने कहा कि राज्य के पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल बीसी जोशी ने वर्ष 1994 में 130 पर्यावरण बटालियन का गठन किया जो जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। पर्यावरण बटालियन ने जिले में जंगलों को विकसित कर दैवी आपदा की घटनाओं को रोकने का काम किया है। सेवानिवृत्ति के बाद बटालियन और कंपनी में शामिल जिले के पूर्व सैनिकों को रोजगार भी मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय, भूकंप और दैवी आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिले में स्थापित पर्यावरण बटालियन की दो कंपनियों को गुजरात और राजस्थान में शिफ्ट किया जा रहा है जो गलत है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को वापस लेने की मांग पर पूर्व में आंदोलन करने के बाद भी सरकार कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा रही है। ऐसे में उन्हें फिर धरना शुरू करना पड़ा है। पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि इस फैसले पर रोक नहीं लगी तो वे सड़कों पर उतरेंगे। धरना देने वालों में दिवाकर सिंह बोहरा, श्याम विश्वकर्मा, हर सिंह मेहता, केसी पंत, नवीन सिंह, जगदीश सिंह, आनंद सिंह, केएन जोशी, शेर सिंह, दयाल सिंह सहित कई पूर्व सैनिक शामिल रहे।