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Pithoragarh News: देश के लिए तीन युद्ध लड़ने वाले पूर्व सैनिक का निधन

Sat, 26 Sep 2026 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। देश के लिए तीन युद्ध लड़ने वाले पूर्व सैनिक जिले के जजुराली निवासी पूर्व सैनिक होशियार सिंह का 93 साल की उम्र में निधन हो गया। वर्ष 1971 के युद्ध में उन्हें सात गोलिंया लगीं। इसके बाद भी उन्होंने देश के लिए अदम्य साहस का परिचय देकर दुश्मनों को अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया। उन्होंने अपने छोटे बेटे के आवास पर रुद्रपुर, यूएसनगर में अंतिम सांस ली। उनके पैतृक गांव लाए जाने पर वीर योद्धा का शव ऑलवेदर सड़क पर घाट बैंड के पास पांच घंटे फंसा रहा। बमुश्किल परिजन शव लेकर पैतृक गांव पहुंचे। पूर्व सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ऑलवेदर सड़क की बदहाली पर भी आक्रोश जताया।
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जजुराली निवासी होशियार सिंह भंडारी वर्ष 1950 में भारतीय सेना में भर्ती हुए। उन्होंने वर्ष 1962, 1965 और 1971 में उन्होंने देश के लिए युद्ध लड़े। 1971 के युद्ध में सात गोलियां लगने के बाद भी उन्होंने देश सेवा का दायित्व निभाया। वर्ष 1984 में 34 वर्षों की सेवा के बाद वह सेवानिवृत्त हुए।
बीते शुक्रवार को रुद्रपुर से उनका शव उनके पैतृक गांव लाया जा रहा था। सुबह नौ बजे घाट बैंड के पास सड़क बंद होने से उनका शव और साथ में आए परिजन फंसे रहे। बमुश्किल परिजन योद्धा का शव लेकर दोपहर दो बजे के करीब रवाना हो सके। ऐंचोली में पूर्व सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पुष्प अर्पित किए और उनकी वीरता को याद किया।
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पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मयूख भट्ट, गिरधर खनका, रमेश सिंह, दयाल सिंह, देवेंद्र दिगारी, हयात सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने कहा कि सड़क को ऑलवेदर का नाम तो दिया गया है लेकिन इस पर आवाजाही करना चुनौती बन गया है।

परिजन करते रहे योद्धा का शव पहुंचने का इंतजार
जजुराली गांव में परिजन और ग्रामीण योद्धा का शव पहुंचने का घंटों इंतजार करते रहे लेकिन वाहन घाट बैंड से आगे नहीं बढ़ सका। बमुश्किल देर शाम शव गांव पहुंचा। ऐसे में वीर योद्धा का उसी दिन अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शनिवार को भारी बारिश के बीच आंवलाघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। यदि बीते शुक्रवार समय रहते योद्धा के शव को उनके पैतृक गांव पहुंचाने की व्यवस्था की जाती तो उनका अंतिम संस्कार होता और दूसरे दिन भारी बारिश के बीच परिजनों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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