झूलाघाट (पिथौरागढ़)। बलतड़ी के ग्रामीणों की प्यास नई पेयजल योजना भी नहीं बुझा पाई। ग्रामीणों ने योजना में घटिया पाइप लगाने का आरोप लगाया है।
बलतड़ी गांव को पानी की आपूर्ति के लिए पेयजल निगम ने एक साल पहले बसौड़ होते हुए पाइप लाइन बिछाई थी। पिछले पंद्रह दिनों से नल में पानी की एक बूंद को भी ग्रामीण तरस गए हैं। ग्रामीणों को काली नदी के दूषित जल का उपयोग करना पड़ रहा है। बता दें कि काली नदी के किनारे बसे गांव और कस्बों की गंदगी पूरी तरह इसमें प्रवाहित की जा रही है। इससे कई तरह की बीमारियों होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है पेयजल निगम की ओर से ग्रामीणों को काली नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर किया जा रहा है। ग्रामीण सुरेश भट्ट ने बताया कि लाखों रुपया बसौड़-बलतड़ी पेयजल योजना में लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। पाइप लाइन तो घटिया लगाई ही गई है इसे जमीन के नीचे भी नहीं दबाया गया है। पूर्व में जब पानी की आपूर्ति हो रही थी तब इतना अधिक गर्म पानी आ रहा था कि उसे पीना ही मुश्किल हो रहा था। ग्राम प्रधान पूजा भट्ट, उमेश भट्ट, खीमानंद, पूर्व प्रधान नारायण दत्त, गोपी राम, सुनील चंद, योगेश धरियाल आदि का कहना है कि जल ही जीवन है इसको पाना सबका अधिकार है। पेयजल निगम को चाहिए कि ग्रामीणों की इस विकट समस्या का जल्द से जल्द समाधान करे, जिससे कि वह काली नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर न हों।