नंदा देवी ईस्ट में पर्वतारोहण के दौरान एवलांच आने से बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ का संयुक्त अभियान बुधवार से चलेगा। आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में अभियान चलेगा। रतन सिंह आईटीबीपी के अन्य पर्वतारोहियों के साथ मंगलवार को पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं।
13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट में पर्वतारोहण के लिए गए 13 सदस्यीय दल में से आठ पर्वतारोही ब्रिटेन निवासी लीडर मार्टिन मोरिन, ब्रिटेन के ही पर्वतारोही जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटनेयरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय लापता हो गए थे। सेना के हेलीकॉप्टर से चले सर्च अभियान के दौरान पांच पर्वतारोहियों के शव बर्फ में पड़े देखे।
इन शवों को निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ की संयुक्त टीम गठित की जा रही है। इस दल का नेतृत्व भारत तिब्बत सीमा पुलिस के द्वितीय कमान अधिकारी और पर्वतारोही रतन सिंह सोनाल करेंगे। आईटीबीपी ने बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए कुछ विशेष उपकरण भी दिल्ली से मंगाए हैं। इन उपकरणों के पहुंचने के बाद पहले सेना के हेलीपैड में अभ्यास किया जाएगा। इसके बाद टीम हेलीकॉप्टर से पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए नंदा देवी ईस्ट के लिए रवाना होगी।
डीएम ने सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ के अफसरों संग की बैठक
पिथौरागढ़। नंदा देवी पर्वत के आसपास बर्फ में पड़े पर्वतारोहियों के शवों को निकालने का काम बुधवार से शुरू होगा। इस अभियान को लेकर डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मंगलवार को सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। विदेशी पर्वतारोहियों के साथ हुई घटना की जानकारी प्रशासन की ओर से केंद्र सरकार, राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय को भी भेजी गई है। आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि लापता पर्वतारोहियों के रेस्क्यू के लिए अपनी टीम के साथ पैदल बेस कैंप तक गए आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी सुनील कुमार भी वापस लौट आए हैं। हेली से आपरेशन चलाने से पहले टीम के सदस्य उनसे भी वहां की जमीनी स्थितियों के संबंध में बातचीत करेंगे। ब
बर्फ में फंसे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए आईटीबीपी की टीम पिथौरागढ़ पहुंच गई है। द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल इसका नेतृत्व करेंगे। कुछ विशेष उपकरण दिल्ली से मंगाए गए हैं। इन उपकरणों के पहुंचने के बाद एक बार टीम में शामिल सदस्य हेलीपैड पर ही अभ्यास करेंगे। इसके बाद नंदा देवी पर्वत की ओर रवाना होंगे। - एपीएस निंबाडिया, डीआईजी भारत- तिब्बत सीमा पुलिस।
बर्फ में दबे शवों को निकालने में बरतनी होगी सावधानी
बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए तैयार टीम में सभी विशेष प्रशिक्षित पर्वतारोही शामिल किए गए हैं। इसके बावजूद हिमालयी क्षेत्र में चलने वाले इस आपरेशन में शामिल सदस्यों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। एवरेस्ट विजेता और पर्वतारोहण में एक्सपर्ट आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार एवलांच आने के खतरे रहते हैं। जिस स्थान पर शवों की लोकेशन बताई गई है वह लगभग छह हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यदि शव बर्फ में अधिक गहराई तक दबे होंगे तो उन्हें निकालने में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं। मौके पर पहुंचकर ही वस्तुस्थिति का पता चल सकेगा।