18 सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर दूसरे दिन भी हड़ताल में रहे। न्यायोचित मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगा। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि लिखित आदेशों के बाद भी शासन ने महासंघ की मांग पूरी नहीं हो पाई हैं। जिससे नाराज इंजीनियरों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू की है। कहा कि विकास कार्यों पर जो प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा उसकी जिम्मेदारी इंजीनियरों की नहीं होगी। बैठक में शाखा अध्यक्ष पवन टोलिया, सचिव प्रदीप नेगी, महिपाल डोबाल, संजय वर्मा, एएन जुकरिया, एलपी जोशी, वीसी उपाध्याय, ललित कुमार, प्रदीप उपाध्याय, ललित कुमार, सुनील कुमार, भवान सिंह, कमल कांत जोशी, पृथ्वीराज खर्कवाल, राजेंद्र कुमार, मदन मोहन, एनसी त्रिपाठी, सीएम पांडे, तनुजा तिवारी, शालिनी, रुचि जंगपांगी, वंदना रावत, रुचि भट्ट, वंदना ठाकुर, दिनेश पांडे, योगेश रेवाड़ी, हरीश बथियाल, भगवान सिंह, दीपक दताल, चंदन कोहली, हरीश भट्ट, हरीश कनवाल आदि इंजीनियर मौजूद थे।
उधर, डीडीहाट में शाखाध्यक्ष नालिम हुसैन की अध्यक्षता में सचिव राजेश पैंतोला, शंकर जडौत समेत तमाम इंजीनियर हड़ताल में रहे। इस दौरान इंजीनियरों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
टनकपुर क्षेत्र के विभिन्न विभागों में तैनात डिप्लोमा इंजीनियर भी हड़ताल पर है। सिंचाई विभाग के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने आंदोलन को एकजुटता के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक में इंजीनियरों ने कहा कि चार दिन तक कार्य बहिष्कार करने के बाद भी उनकी मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। धरना-प्रदर्शन में दीप चंद्र कांडपाल, आरके यादव, सतीश शर्मा, अनिल महर, वसीम जावेद अली, हेमंत कुमार, सतीश कुमार, सुरेश कुमार, वीएस पोखरिया, जितेंद्र कुमार, होशियार सिंह बिष्ट आदि शामिल थे।