पिथौरागढ़ सैन्य क्षेत्र में संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान दुश्मन पर निशाना साधते सैनिक।
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भारत-कजाकस्तान के संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान सैनिकों को जंगल में घात लगाकर दुश्मनों को मारने का अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण के 10वें दिन शनिवार को दोनों देशों के सैनिकों को राजपूत रेजीमेंट के दो अधिकारियों ने लक्ष्य पर निशाना साधने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
काजिंद युद्धाभ्यास के लिए दोनों देशों के 30-30 सैनिकों की संयुक्त टुकड़ी बनाई गई। इसके बाद उन्हें मूनाकोट और गढ़वाल रेजीमेेंट के फायरिंग रेंज में बनाए गए बेस कैंपों में अभ्यास कराया गया। दोनों रेंजों में बेस कैंप स्थापित कर टारगेट बनाए गए। टारगेटों में दुश्मन पर निशाना साधा गया। अधिकारियों ने कहा कि जंगल में दुश्मन कहीं भी छिपा हो सकता है। सटीक निशाने से दुश्मन और उनके ठिकानों को तबाह करने की जानकारी दी गई। सैनिकों को बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में अचानक हुए हमलों से खुद को सुरक्षित रख जवाबी कार्रवाई करने के टिप्स बताए। सैनिकों को काजिंद के प्रशिक्षण में क्षेत्र वर्चस्व गश्त, घात लगाने के लिए प्रशिक्षित किया। रविवार को भी प्रशिक्षण जारी रहेगा।