मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। अवकाश के दिन यदि कोई बीमार पड़ा तो मदकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं मिलेगा। क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए 22 किलोमीटर दूर मुनस्यारी के चक्कर काटने होंगे। आए दिन ऐसा हो रहा है। पीएचसी में अवकाश के दिन इमरजेंसी संचालित न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मदकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों के ग्रामीणों के इलाज की जिम्मेदारी है। हर अस्पताल में अवकाश के दिन भी इमरजेंसी सेवा के तहत मरीजों के इलाज की व्यवस्था है और यह नियम भी है। हैरानी है कि इस अस्पताल में अवकाश के दिन इलाज नहीं मिलता। बीते रविवार को गैला-पत्थरकोट निवासी 61 वर्षीय जैमती देवी हाथ में तेज दर्द और सूजन की समस्या से जूझती हुई अस्पताल पहुंचीं।
अस्पताल बंद था और इमरजेंसी में इलाज के लिए कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिला। इस पर महिला को इलाज के लिए 22 किलोमीटर दूर मुनस्यारी जाना पड़ा। क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बंद होने से दिक्कत है। इस व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद मरीज को इलाज मिल सके।
बोले लोग
हर बार रविवार को यही स्थिति रहती है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निजी वाहन बुक कर मुनस्यारी जाना संभव नहीं है। समय पर इलाज न मिलने से मरीज की जान भी आफत में फंसती है। मदकोट अस्पताल में इमरजेंसी सेवा शुरू करनी चाहिए। - भावना दानू, जिला पंचायत सदस्य, मदकोट
इमरजेंसी में 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। मदकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र में अवकाश के दिन अस्पताल बंद रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। - महिपाल सिंह, मदकोट
कोट
मदकोट अस्पताल आबादी क्षेत्र से दूर संचालित हो रहा है। यहां मरीजों की संख्या कम रहती है। रविवार को इमरजेंसी सेवाओं के लिए किसी स्वास्थ्य कर्मी को वहां रहना चाहिए। इसके निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़