पिथौरागढ़ में टायरों के अभाव में खड़ी रोडवेज की बसें
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रोडवेज की खस्ता हालत का असर निर्वाचन में पड़ने की आशंका पैदा हो गई है। परिवहन निगम के पिथौरागढ़ डिपो में टायरों के अभाव में आधे से अधिक बसें वर्कशाप में खड़ी हो गई हैं। डिपो ने जिला निर्वाचन कार्यालय के सामने भी टायरों के अभाव का मामला उठाया है। डिपो के सहायक महाप्रबंधक टायरों की कमी की बात तो स्वीकार करते हैं, लेकिन टायरों के अभाव में बसें खड़ी होने की बात से इनकार करते हैं।
टायरों के अभाव के कारण डिपो की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। डिपो के सूत्रों की मानें तो 108 बसों के बेड़े में से केवल 50 बसें सड़क पर चल रही हैं। एक बस के टायर खोलकर दूसरी बस में लगाकर किसी तरह बसों का संचालन किया जा रहा है। जल्द डिपो को टायर नहीं मिले तो इनमें से भी कई बसें सड़कों पर चलने लायक नहीं रह जाएंगी। बसों के न चलने से जहां यात्रियों को दिक्कत हो रही है, वहीं डिपो को रोज लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
डिपो के सहायक महाप्रबंधक आलोक बनवाल टायरों की कमी की बात तो स्वीकार करते हैं, लेकिन टायरों के अभाव में बसों के खड़े होने की बात से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि रनिंग में सभी बसों का संचालन हो रहा है। डिपो को 100 टायरों की तत्काल आवश्यकता है। यह भी मानते हैं कि टायरों की कमी का मामला निगम के उच्चाधिकारियों के साथ ही निर्वाचन कार्यालय को दे चुके हैं। बनवाल कहते हैं कि टायरों की कमी जल्द ही पूरी हो जाएगी।