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बेटे को श्रद्धांजलि देने अमेरिका से मुनस्यारी पहुंचीं एलिजाबेथ

Mon, 27 Mar 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी (पिथौरागढ़)
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बेटे को श्रद्धांजलि देने अमेरिका से परिजनों के साथ मुनस्यारी पहुंची एलिजाबेथ (बीच में)। - फोटो : अमर उजाला
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22 सितंबर 2011 को नंदादेवी ट्रैकिंग रूट पर लीलम के पास पांव फिसलकर गोरी में गिरे 18 वर्षीय थामस को श्रद्धांजलि देने के लिए उसकी 62 वर्षीय मां एलिजाबेथ अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अमेरिका से यहां पहुंच गई हैं। यह लोग मंगलवार को लीलम में उस स्थान पर जाएंगे जहां से थॉमस नदी में गिरा था। वहीं पर श्रद्धांजलि का कार्यक्रम होगा।
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घटना के बाद प्रशासन ने पूरे एक महीने तक थॉमस की खोजबीन के लिए अभियान चलाया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। अब परिवार के लोगों ने भी मान लिया है कि थॉमस जिंदा नहीं होगा। एलिजाबेथ ने बताया कि थॉमस को ट्रैकिंग का बहुत ज्यादा शौक था। वह उससे पहले भी मुनस्यारी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए आ चुका था।

उन्होंने कहा कि अब तक वह इसी उम्मीद में थी कि कहीं से बेटे के जिंदा होने की खबर मिल जाएगी, लेकिन सारे प्रयासों के बाद जब कामयाबी नहीं मिली तो यह मान लिया गया है कि बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी आत्मा की शांति के लिए वह प्रार्थना करेंगे। एलिजाबेथ ने बताया कि नदी में गिरते समय जहां पर थॉमस का पांव अंतिम बार पड़ा था उस स्थान की पूजा की जाएगी। चार दिन तक यह लोग लीलम में उसी स्थान पर टैंट लगाकर रहेंगे। एलिजाबेथ पूजा के लिए एक घंटी, थॉमस का नाम लिखा कलश और लाल चुनरी लेकर आई हैं।
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एलिजाबेथ के साथ उनके पति थॉमस के पिता बैरी, मौसी सारा, चचेरी बहन सोफिया, दोस्त डेविड भी पहुंचे हैं। कुछ देर मुनस्यारी रुकने के बाद उन्होंने लीलम का रुख किया। मंगलवार को यह लोग लीलम पहुंचेंगे। 
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