खतरे से घिरा प्राथमिक स्कूल दाफिला का भवन
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दनौला गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय दाफिला के भवन को भूस्खलन से गंभीर खतरा पैदा हो गया है। भवन के किनारे और निचले हिस्से में भूकटाव होने से भवन खतरे में आ गया है, यदि जल्दी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो विद्यालय भवन किसी भी समय गिर सकता है। खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन समिति ने विद्यालय को पंचायतघर में शिफ्ट कर दिया है।
दनौला गांव में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और भूकटाव से नौ परिवारों ने अपने मकान छोड़ दिए हैं। इन परिवारों ने गोचर के मंडी परिसर में शरण ले रखी है। दनौला गांव के गोविंद राम, सज्जन लाल, नंदी देवी, कुंदन राम, गंगोत्री देवी, भूपेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार के मकान खतरे की जद में हैं। सभी परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। लोगों में लगातार हो रहे भूकटाव से भय का माहौल है। शुक्रवार को केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने दनौला गांव का दौरा किया। उन्होंने दाफिला गांव में दौलत सिंह से भी मुलाकात की। दौलत सिंह का मकान 30 जून की रात आपदा की भेंट चढ़ गया था।
वनराजि कमान को नहीं मिली राहत
अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट के जमतड़ी क्षेत्र के कनतोली गांव निवासी आपदा प्रभावित वनराजि कमान सिंह झोपड़ी में रहने को मजबूर है। वनराजि ने गुफाओं में रहने का एलान किया है। 30 जून को आई आपदा के कारण वनराजि कमान सिंह का मकान ध्वस्त हो गया था। कमान अपने 6 सदस्यीय परिवार और सात मवेशियों के साथ किसी अन्य के मकान में शरण लिए थे, मगर अब हालात बदल चुके है। अपने परिवार और मवेशियों को दूसरे के घर में रखना उनके लिए मुश्किल होने लगा था। प्रशासन से किसी भी प्रकार की मदद न मिलने पर उन्होंने खुद ही एक झोपड़ी बना डाली और अपने परिवार, मवेशियों के साथ उसमें रहने को मजबूर हैं। बुधवार को जमतड़ी में निरीक्षण पर आए ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार और पटवारी मीना जोशी को ग्राम प्रधान गोविंद सिंह भंडारी ने वनराजि कमान के मकान ध्वस्त होने की जानकारी के देने के साथ ही रिपोर्ट भी सौंपी, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से क्षुब्ध कमान ने तय किया है कि अब वो जंगलों की गुफाओं में रहेंगे।