जौलजीबी से पिथौरागढ़ आ रही 220 केवि की इसी विद्युत लाइन को किया जा रहा है भूमिगत। संवाद
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पिथौरागढ़। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की ओर से नैनीसैनी एयरपोर्ट से सटे क्षेत्रों में जौलजीबी से पिथौरागढ़ आ रही 220 केवी की विद्युत लाइन को भूमिगत किया जा रहा है ताकि चीन और नेपाल सीमा से लगे इस एयरपोर्ट से भविष्य में फाइटर जैट और अन्य विमानों को उड़ान भरने में दिक्कत न हो। यह कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पिथौरागढ़ जिले में करीब 65 करोड़ की लागत से नैनीसैनी एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। इस एयरपोर्ट को अब वायुसेना को देने की तैयारी की जा रही है। वायुसेना को देने के बाद इस एयरपोर्ट में फाइटर जैट एवं अन्य विमानों की आवाजाही बढ़ जाएगी।
भारतीय वायुसेना एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी के दिशा-निर्देश के बाद पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने नैनीसैनी एयरपोर्ट से सटे मड़ और सिलौली क्षेत्र में जौलजीबी से पिथौरागढ़ आ रही 220 केवी की विद्युत लाइन को भूमिगत करने का काम शुरू कर दिया है। जमीन में दो मीटर खोदाई कर उनमें 220 केवी एक्सल पीई कॉपर केबल डाली जा रही है। यह कार्य अंतिम चरण में है।
हवाई अड्डे का जल्द ही वायुसेना करेगी संचालन
पिथौरागढ़। नैनीसैनी हवाई अड्डे का संचालन जल्द ही वायुसेना करेगी। चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे होने के कारण इस हवाई अड्डे को वायुसेना को दिया जा रहा है जिससे आपातकाल में वायुसेना किसी भी ऑपरेशन का संचालन आसानी से कर सके। संवाद
नैनीसैनी हवाई अड्डे में फाइटर या अन्य बड़े विमानों को लैंडिंग और टेकऑफ में दिक्कत न हो इसलिए 220 केवी विद्युत लाइन को भूमिगत किया जा रहा है। यह कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
-संदीप कोठारी, उप महाप्रबंधक पावर ग्रिड कॉरपोरेशन पिथौरागढ़।
मड़ और सिलौली के पास इस तरह भूमिगत किया जा रहा है 220 केवि की ओवर हेड विद्युत लाइन को । संवाद- फोटो : PITHORAGARH