पांच दिनी पर्वतीय सहकारी विकास प्रदर्शनी का बृहस्पतिवार को आगाज हुआ। सूबे के सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा प्रदेश में सहकारिता को मजबूत करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। मेले में पिथौरागढ़ के साथ ही चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर की सहकारी समितियां हिस्सा ले रही हैं।
लुंठ्यूड़ा स्थित मिनी स्टेडियम में सहकारिता मेले का उद्घाटन करते हुए आर्य ने कहा मेले का लाभ सहकारी समिति के साथ ही महिला समूहों को मिलेगा। महिला समूहों को और मजबूती प्रदान करने के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से उन्हें ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समूहों को बाजार उपलब्ध कराने में भी सहकारिता विभाग सहयोग कर रहा है। आर्य ने कहा चार साल के भीतर प्रदेश में 10 सहकारी और एक राज्य सहकारी बैंक को कोर बैंकिंग से जोड़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 50 बैंक की शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में खोली गई। 758 कृषि ऋण सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित किया गया। 1000 स्वयं सहायता समूहों को साझा मंच उपलब्ध कराया गया।
आर्य ने सहकारिता मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए सहकारी परिषद के उप सभापति महेंद्र लुंठी की पीठ थपथपाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक मयूख महर ने कहा कि चार जिलों की इस प्रदर्शनी से जिले को विशेष लाभ मिलेगा। विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बांस, अड़किनी, नैनीसैनी और सल्ला में सहकारी बैंक की शाखा खोलने की मांग की। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, राज्य विधि परिसीमन आयोग के उपाध्यक्ष रमेश कापड़ी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष दलबहादुर बाफिला, जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा के अध्यक्ष प्रशांत भैंसोड़ा, पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, पूर्व विधायक गोपाल दत्त ओझा आदि थे।