टनकपुर-पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क निर्माण के चलते जिले में तेल की आवक पर असर पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों को नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे कई बार टैंक ड्राई हो रहे हैं और वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले में आईओसी, बीपी और एचपी के मिलाकर कुल 15 पेट्रोल पंप हैं। इन पंपों पर रोजाना 23 हजार लीटर डीजल और सात हजार लीटर पेट्रोल की खपत होती है। आईओसी के लालकुआं प्लांट, बीपी के काठगोदाम डिपो और एचपी के हल्दूचौड़ डिपो से रोजाना डिमांड के मुताबिक आपूर्ति की जाती है। चौड़े मार्ग को देखते हुए पिथौरागढ़ को आने वाले अधिकतर पेट्रोल टैंकर वाया टनकपुर, चंपावत एनएच आवाजाही करते हैं। शाम छह बजे टनकपुर गेट बंद हो जाता है। निर्माण के वक्त सुबह 11 बजे से दो बजे तक आवाजाही बंद रहती है। इसके अलावा टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच 150 किमी जाम में कई घंटों फंसना पड़ रहा है।
निर्माण के दौरान यातायात बाधित रहने, जाम में फंसने के चलते टैंकर पेट्रोल पंपों पर देरी से पहुंच रहे हैं। कई बार देर से आपूर्ति मिलने पर पेट्रोल पंपों के टैंक ड्राई हो जा रहे हैं। उस वक्त उपभोक्ताओं को तेल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पिथौरागढ़ में छह पेट्रोल पंप हैं। यहां तो वाहन चालकों को तेल भराने में पंपों को विकल्प मिल रहा है, लेकिन थल, धारचूला, गंगोलीहाट, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, डीडीहाट आदि क्षेत्रों में एकमात्र पंप के चलते लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि गणाईगंगोली, बलुवाकोट, मदकोट, अस्कोट, कनालीछीना, झूलाघाट में पंपों की कमी के चलते कई किमी दूरी तय कर दूसरे पंप से तेल का बंदोबस्त करना पड़ रहा है। इससे लोगों का ज्यादा धन और समय खर्च हो रहा है।
तेल डिपो से आपूर्ति सामान्य है। टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क निर्माण के दौरान आवाजाही में प्रतिबंध और जाम में फंसने से डिपो से आपूर्ति कर रहे टैंकर देरी से पहुुंच रहे हैं। इस वजह से पंपों को डिमांड पूरी करने में देरी हो रही है। निर्माण को देखते हुए डिपो से फेरे बढ़ाने की मांग की जाएगी।
-मनोज कुमार बर्मन, डीएसओ, पिथौरागढ़