बंगापानी (पिथौरागढ़)। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नया शिक्षा सत्र शुरू होने के दो महीने बाद भी किताबें नहीं मिल सकी हैं। बंगापानी तहसील के 40 से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले दो हजार से अधिक बच्चों को अब भी निशुल्क किताबें मिलने का इंतजार है।
सिर्फ कक्षा तीन के विद्यार्थियों को संस्कृत की किताब देकर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए दो महीने का समय बीत गया है। अब भी बंगपानी तहसील के बच्चों को निशुल्क किताबें नहीं मिल सकी हैं।
क्षेत्र के दो हजार छात्र-छात्राओं को अब भी किताबों का इंतजार है और वे इनके बगैर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। अभिभावक खड़क सिंह, मनोहर सिंह, हंसा देवी, देवेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग ने निशुल्क किताब के नाम पर सिर्फ कक्षा तीन के विद्यार्थियों को संस्कृत की पुस्तक देकर औपचारिकता पूरी कर ली है।
उन्होंने कहा कि बगैर किताबों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 27 मई से गर्मी के अवकाश के चलते विद्यालय बंद हो जाएंगे।
ऐसे में बच्चे बगैर किताबों के कैसे पढ़ेंगे और उनका भविष्य कैसे संवरेगा इसकी चिंता विभाग को नहीं है। उन्होंने जल्द बच्चों को पर्याप्त किताबें न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।