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वर्ष 2011 से अब तक उत्तराखंड में अब तक 49 बार डोली धरती 18-39-56

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पिथौरागढ़। उत्तराखंड में वर्ष 2011 से अब तक 49 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की दृष्टि से उत्तराखंड का पिथौरागढ़ और चमोली जिला जोन फाइव में आता है। इसके बाद भी निर्माण कार्यों में पहाड़ों को तोड़ने के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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वर्ष 2011 को पिथौरागढ़ जिले में पांच बार भूकंप आया था। जिसमें चार अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता सबसे अधिक 5.7 रिक्टर मापी गई थी। पांच मई 2011 को 5.0 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया। वर्ष 2012 में दो बार धरती डोली। जिसमें 28 जुलाई 2012 को 4.5 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था। दो जनवरी 2013 को 4.0 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र भारत नेपाल सीमा पर था। 2013 में छह बार धरती डोली थी। 2014 में तीन बार भूकंप आया। छह जुलाई को आए भूकंप की तीव्रता 4.5 रिक्टर थी। वर्ष 2015 में सबसे अधिक 13 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। वर्ष 2016 में सात बार धरती कांपी थी। इनमें सबसे बड़ा भूकंप एक दिसंबर 2016 को आया था जिसकी तीव्रता रिक्टर 5.2 थी। इसका केंद्र भारत नेपाल सीमा पर था। 2017 में 18 नवंबर को 3.3 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, इसका केंद्र नाचनी बांसबगड़ क्षेत्र था। 2018 को 24 मई को 3.6 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, इसका केंद्र भारत-नेपाल सीमा पर था। 11 नवंबर को 5.0 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र भारत-नेपाल सीमा था। 2019 में पांच जनवरी को 2.7 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, इसका केंद्र भारत-नेपाल सीमा था। 21 जुलाई को 3.5 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था। 14 जून को 3.8 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था। दोनों का केंद्र पिथौरागढ़ था। इसके बाद 16 सितंबर को 4.3 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र भारत-नेपाल सीमा थी। 12 नवंबर को 4.5 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र पिथौरागढ़ जिले में था। 19 नवंबर को 5.3 रिक्टर तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र नेपाल था। छह दिसंबर को 2.7 रिक्टर का भूकंप आया था, जिसका केंद्र पिथौरागढ़ था। एक जनवरी 2020 को 3.1 रिक्टर का भूकंप आया था, जिसका केंद्र पिथौरागढ़ जिला था। इस साल दो बार भूकंप आया। एक जनवरी को 3.1 रिक्टर का जबकि चार दिसंबर 2020 को 2.6 तीव्रता का भूकंप आया इसका केंद्र धारचूला था।
धरती के अंदर प्लेटों के खिसकने और धरती के अंदर मौजूद गैस बाहर निकलने की कोशिश करती है। जिस कारण भूकंप आ रहे हैं। भूकंप के लिए निर्माण कार्य भी जिम्मेदार है। निर्माण कार्य में विस्फोटकों के इस्तेमाल से भी प्लेटें खिसक रही हैं।
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- प्रदीप कुमार, वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक पिथौरागढ़।
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