एक वर्ष पूर्व पिथौरागढ़ नगर की सड़कों पर हुए हाटमिक्स के बाद ऐसा लगा कि शायद धूल और खराब सड़कों से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन आंवलाघाट पंपिंग पेयजल योजना के पाइपों को बिछाने के लिए एक माह से सड़कों के किनारे की जा रही खुदाई के कारण फिर से लोग धूल से परेशान हैं।
2013 में जब यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चला था तब भी लोगों को कम से कम चार महीने तक धूल के बीच रहना पड़ा। पिछले साल नगर की सड़कों पर हाटमिक्स हुआ था। लेकिन एक माह पूर्व जल निगम ने आंवलाघाट पंपिंग योजना की पाइप बिछाने के लिए फिर से सड़कों के किनारे खुदाई कर दी। कुछ स्थानों पर तो रोड को बीच में काटा गया है। जिन स्थानों पर पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई हुई है वहां दुकानदार, आवासीय भवनों में रहने वाले लोग खासे परेशान हैं। यदि सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी की जाए तो वह धूल से सन जाती है।
घंटाकरण के व्यवसायी ललित बसेड़ा, कुंडल भंडारी का कहना है कि धूल से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करना पड़ रहा है। दुकानों के आगे रोज पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है लेकिन थोड़ी देर में पानी सूखा तो फिर से धूल उड़ने लगती है। धूल के कारण लोग सर्दी, जुकाम से परेशान हो रहे हैं। सुबह के समय घूमने वालों को भी धूल से परेशानी हो रही है।
जल निगम को दिया 50 लाख का प्रस्ताव
लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि खोदी गई सड़क की मरम्मत के लिए जल निगम को 50 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया है। लोनिवि यह तैयारी कर रही है कि जहां पर सड़क की खुदाई की गई है वहां पर हाटमिक्स के बजाए कंकरीट डाला जाए। यदि भविष्य में पानी की लाइन का लीकेज ठीक करने के लिए फिर खुदाई करनी पड़े तो कंकरीट वाली सड़क को कम नुकसान होगा। मरम्मत का काम जल्दी शुरू होगा।