मुनस्यारी तहसील के धूरातोली गांव निवासी हवलदार दुर्योधन सिंह नेगी ने राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। फाइनल मुकाबला 30 अक्तूबर को विशाखापत्तनम में खेला गया। उन्होंने सर्विसेज की टीम से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। बताया गया कि दुर्योधन फाइनल में रेलवे के मनोज कुमार से 4-1 से हार गए। पिछले वर्ष भी उनका फाइनल में मुकाबला मनोज कुमार से हुआ था, तब भी उनको रजत पदक मिला था।
विशाखापत्तनम से फोन पर दुर्योधन सिंह ने बताया कि वह स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए अब और कड़ी मेहनत करेंगे। दुर्योधन ने इससे पहले 2015 में राष्ट्रीय मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक, 2016 में रजत पदक जीता। देश का प्रतिनिधित्व करते हुए वह इंडोनेशिया, थाइलैंड में भी खेल चुके हैं। धूरातोली निवासी रतन सिंह नेगी के बेटे दुर्योधन 2004 में 4 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए।
2010 से उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट सेंटर रानीखेत में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। इस समय वह आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट पुणे में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। दुर्योधन ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य 2018 में होने वाले एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का है। दुर्योधन की उपलब्धि से सीमांत क्षेत्र में खुशी की लहर है।