दुर्गा मंदिर की दीवार में आई दरारें
- फोटो : अमर उजाला
थल-सातशिलिंग सड़क के बीच लेकघाटी में स्थित दुर्गा मंदिर को जमीन के धंसने से खतरा पैदा हो गया है। मंदिर की दीवार में कई दरारें आ गई हैं। मंदिर के पुजारी ने मंदिर संरक्षण के लिए सुरक्षा दीवार और चैकडैम बनाने की मांग की है।
लेकघाटी क्षेत्र में लगातार वाहन दुर्घटना होने के कारण में वर्ष 1991 में दुर्गा मंदिर की स्थापना की गई थी। इसी स्थान पर 18 अक्तूबर 1990 को हुई बस दुर्घटना में 56 लोगों की जान चली गई थी। मंदिर के पुजारी बृजमोहन लेखक का कहना है कि जब से मंदिर स्थापित किया गया, तब से इस स्थान पर कोई दुर्घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मंदिर बनाया गया है उस स्थान पर जमीन धंसने लगी है, जिससे मंदिर के मुख्य आधार की दीवार में कई दरारें आ गई हैं।
कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण पर आए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी ने मंदिर की दीवार में आई दरार और जमीन धंसने का निरीक्षण कर मंदिर के संरक्षण का आश्वासन दिया था। उन्होंने बरसात से पहले मंदिर संरक्षण के लिए चैकडैम बनाने और दीवार लगाने की मांग की है।