जिलेभर में शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश से पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे पर कई स्थानों पर मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई। वहीं, बलधार में शुक्रवार को भी वाहनों की आवाजाही नहीं हुई। डीडीहाट की दो आंतरिक सड़कें बंद हैं। बृहस्पतिवार रात भी जिले में हल्की बारिश होती रही।
शुक्रवार सुबह से जिलेभर में भारी बारिश हुई। इस कारण जौलजीबी से आगे बलधार में शुक्रवार को फिर मलबा गिर गया। इसके अलावा बृहस्पतिवार रात गुड़ौली, लखनपुर, तीनतोला, बंदरलीमा, पिनौड़ागाड़ में भारी मात्रा में मलबा गिरने से पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे पर यातायात बंद हो गया। सीमा सड़क संगठन को मलबा हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल के नेतृत्व में कई टीमों ने मलबा हटाने का काम किया। रातभर गिरे मलबे को शुक्रवार अपरान्ह करीब चार बजे हटाया जा सका, लेकिन बलधार में खतरे को देखते हुए यातायात बंद होने से धारचूला के लिए वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी।
इस स्थान पर पहाड़ी चढ़कर लोगों को रास्ता पार करना पड़ा। पहाड़ी से अब भी मलबा गिर रहा है। बलधार में बृहस्पतिवार को मलबे की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई थी। बलधार में सड़क पर आवाजाही रोकने एवं लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ और पुलिस के जवान लोगों को पैदल आवागमन करने में मदद कर रहे हैं।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जौलजीबी-मदकोट सड़क भी कई स्थानों पर मलबा आने से बंद रही। डीडीहाट से मिली जानकारी के अनुसार डीडीहाट-आदिचौरा और डीडीहाट-दूनाकोट सड़क मलबा गिरने से बंद हो गई हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
थल में बरसाती नाला उफनाया
थल। बारिश के चलते थल कस्बे में पेट्रोल पंप से 100 मीटर आगे डीडीहाट की ओर बहने वाला बरसाती नाला उफान पर आ गया है, इससे आवागमन में दिक्कत पैदा हो रही है। वाहन चालक जोखिम उठाकर आवाजाही कर रहे हैं, जबकि पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद रही। इस स्थान पर बरसात को देखते हुए पहाड़ी पर सीमेंट की पुलिया बनाई गई है, ताकि नाले में पानी आने पर लोग पुलिया से पैदल आवाजाही कर सकें, लेकिन मलबा गिरने से पुलिया बंद हो गई है। पुलिया से मलबा हटाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, इससे लोगों में रोष है।
खतरे के निशान के करीब पहुंची महाकाली, अलर्ट
पिथौरागढ़। महाकाली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। अन्य नदियों में भी पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। महाकाली नदी में खतरे का निशान 889 मीटर पर है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को नदी का जलस्तर 888.5 मीटर पर था। सरयू नदी का जलस्तर 447.60 मीटर पर पहुंच गया है। यहां खतरे का निशान 452 मीटर है। जौलजीबी में गोरी नदी 604.80 मीटर पर बह रही है। यहां खतरे का निशान 606 मीटर पर है। गोरी नदी मदकोट में 1210.60 मीटर पर बह रही है। वहां खतरे का निशान 1214.10 मीटर पर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा ने बताया कि नदियों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए 20 अगस्त तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से नदियों के किनारे जाने में सतर्कता बरतने को कहा गया है।