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Pithoragarh News: बारिश नहीं होने से 50 प्रतिशत से अधिक जल स्रोतों में घटा पानी

Mon, 08 Apr 2024 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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धौलकाड़ा क्षेत्र में इस तरह लोग 20 से 22 किमी दूर से पीने के लिए पेयजल का प्रबंध कर रहे हैं। स्
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पिथौरागढ़। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी कम हो गया है। यही नहीं 20 प्रतिशत पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। नगरीय क्षेत्रों में तो टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और लोगों को पेयजल जुटाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पेयजल योजनाओं में जलस्तर कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों से लगे गांव पंडा, नैनीसैनी, सल्मोड़ा, तड़ीगांव, दौला, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना सहित कई अन्य क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बारिश नहीं होने और जल स्रोतों में पानी कम होने से खेतों में पैदावार भी कम हो रही है। इसका असर मौसमी सब्जियों और फलों के उत्पादन पर भी पड़ रहा है।
जल्द बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है। जिन स्थानों पर संकट है जल संस्थान वहां टैंकर से आपूर्ति कर रहा है। टैंकर के पहुंचते ही लोगों की लंबी-लंबी लाइन लग जा रही है। लोगों ने जल संस्थान से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
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सिंचाई नहीं होने से गंगोलीहाट में फसल खराब
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण फसल खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि अब बारिश हुई तो उसका कोई फायदा नहीं होने वाला है। बारिश नहीं होने से गेहूं, जौ, चना, मटर और सरसों की फसल के बहुत कम उत्पादन की उम्मीद है। स्थानीय हंसी देवी, त्रिलोक सिंह, बसंती देवी, विजय सिंह, कमल किशोर आदि ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
चार वर्षों में जनवरी, फरवरी और मार्च में हुई बारिश का औसत विवरण (मिमी)
वर्ष - जनवरी - फरवरी - मार्च
2024- 0 - 32.80 - 52.00
2023- 13.80 - 7.10 - 53. 78
2022- 83.58 - 52.47 - 5.25
2021 - 24.93 - 11.47 - 12.72
कोट
जिन स्थानों पर पानी का संकट बना हुआ है उन स्थानों पर टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है। बारिश नहीं होने के कारण पेयजल स्रोतों में पानी काफी कम हो गया है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।
वाहनाें से पानी ढो रहे हैं लोग
पिथौरागढ़। धौनधूरा में पेयजल स्रोत सूखने से लोग परेशान हैं। नेपाल सीमा से लगे धौलकाड़ा, दोबांस और कुनकटिया के ग्रामीण स्कूटी और अन्य वाहनों से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द विवाह का सीजन शुरू होने वाला है। अगर पेयजल की व्यवस्था नहीं हुई तो परेशानी उठानी पड़ सकती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य खीमराज जोशी का कहना है कि कुनकटिया, धामीगौड़ा, धौलकाड़ा, दोबांस, बंदा, असुर देव, जिबालीखाली, धारखोली सहित कई अन्य गांवों में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोग परेशान हैं। पेयजल स्रोतों के सूखने से परेशान ग्रामीण 20 से 22 किमी दूर से स्कूटी और अन्य वाहनों से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने जल संस्थान के ईई को पत्र भेजकर पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। संवाद
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