पिथौरागढ़। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही हैं। जिला अस्पताल में ओटी की कमी से ऑपरेशन अटक रहे हैं और मजबूरन मरीजों को तारीखें दी जा रही हैं। स्थिति यह है कि मरीज हड्डी, नाक, कान, गले और जनरल सर्जरी कराने के लिए दो से तीन महीने तक का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
जिला अस्पताल में सिर्फ एक ओटी होने से सभी तरह के ऑपरेशन एक ही कमरे में किए जाते हैं। इन रोगों के विशेषज्ञ तो हैं लेकिन ऑपरेशन के लिए उन्हें मरीजों को तारीख देना मजबूरी बन गया है। एक ही ओटी में हर दिन सभी मरीजों के ऑपरेशन करना संभव नहीं है। ऐसे में ऑपरेशन के लिए दिन तय किए गए हैं। सप्ताह में दो-दो दिन हड्डी, नाक, कान व गले के साथ ही जनरल सर्जरी की जा रही है। हर दिन तीन से चार मरीजों के ही ऑपरेशन हो रहे हैं जबकि अलग-अलग रोगों के 10 से 15 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
ऐसे में विशेषज्ञों के लिए मरीजों को अगली तारीख देना मजबूरी बन गया है। पेट, बच्चेदानी, हर्निया सहित नाक, कान व गले की दिक्कत से जूझ रहे मरीजों को ऑपरेशन के लिए एक से तीन महीने का समय दिया जा रहा है। लंबी तारीख मिलने से कई मरीज दर्द से कराहते हुए ऑपरेशन के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक वर्तमान में 40 से अधिक मरीज ऑपरेशन के लिए वेटिंग में हैं।
नई ओटी का निर्माण अधर में
जिला अस्पताल में तय समय पर हर मरीज के ऑपरेशन हो सकें, इसके लिए नई ओटी के निर्माण के दावे किए गए थे। लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसका सिर्फ प्रस्ताव ही तैयार कर सका है। कब प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा, कब इसे स्वीकृति मिलेगी और कब तक नई ओटी अस्तित्व में आएगी, इसका स्पष्ट जवाब जिम्मेदार अधिकारियों के पास भी नहीं है।
कोट
मरीजों को यथासंभव जल्द से जल्द इलाज देने के प्रयास कर रहे हैं। ओटी की कमी से मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं। नई ओटी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द नई ओटी अस्तित्व में आएगी, जिसके बाद मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।