मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट विकासखंड के तड़ीगांव में सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के किसान आधे इंच के पाइप से सिंचाई कर फसलें उगाने को मजबूर हैं।
तड़ीगांव फसलों और फलाें के उत्पादन में अग्रणी है। यहां तराई की तरह फसलों का उत्पादन होता है। यहां सिंचाई नहरें नहीं हैं। गांव के किसान पीने के लिए बनाई गई योजनाओं के पानी से खेतों में सिंचाई करते हैं। काश्तकार शमशेर चंद, हरिश्चंद्र, राजूराम, उमेश चंद, गोपाल चंद, वजीर चंद, दीपक चंद, रमेश चंद, भूपेंद्र चंद आदि ने बताया कि गांव में धान, गेहूं सहित अन्य फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। स्वयं पानी की लाइनों से रबर के पाइप के जरिये खेतों में फसलों को सींचना पड़ता है। इसमें समय की बरबादी होती है।
काश्तकारों का यह भी कहना है कि जंगली जानवर फसलों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। काश्तकारों ने गांव के लिए नहर बनाने और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करने की मांग की है।