पिथौरागढ़ नगर के रई में कैंटर में भरी सूखी घास में लगी आग को बुझाते फायर सर्विस कर्मी।
- फोटो : स्रोत:फायर सर्विस
पिथौरागढ़ नगर के बीच चलते कैंटर में भरी सूखी घास में अचानक आग लग गई। कैंटर आग का गोला बनकर सड़क पर दौड़ता रहा लेकिन चालक को इसकी भनक तक नहीं लगी। लोगों के शोर मचाने पर कैंटर को रोका गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर बड़ी घटना होने से बचाई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह सूखी घास से भरा एक कैंटर (यूके 05 सीए 0716) कनालीछीना की तरफ से जिला मुख्यालय आ रहा था। रास्ते में घास में अचानक आग लग गई लेकिन चालक गणेश दत्त भट्ट को इसकी भनक तक नहीं लगी। कैंटर में भरी घास से आग की लपटें उठती रहीं और वाहन चलता रहा। रई में स्थानीय लोगों ने घास में लगी आग को देखकर कैंटर को रुकवा कर चालक को इसकी जानकारी दी। बीच सड़क पर कैंटर रुका तो इससे अफरा-तफरी मच गई।
कैंटर के आसपास खड़े वाहनों को हटाया गया और घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और करीब आो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। चालक ने बताया कि वह बंदरलीमा सहित अन्य हिस्सों से सूखी घास खरीदकर जिला मुख्यालय में बेचता था। चालक ने बताया कि उसने 20 हजार की घास खरीदी थी जो सारी जल गई।
सिल्थाम की ओर पहुंचता कैंटर तो हो सकती थी बड़ी घटना
संयोग से रई के स्थानीय लोगों ने आग का गोला बने कैंटर को रोक लिया। यदि कैंटर सिल्थाम तक पहुंचता तो बड़ी घटना हो सकती थी। रई बैंड से सिल्थाम तक सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन पार्क रहते हैं। यदि रई में घटना का पता नहीं चलता और रई बैंड से ऊपर इसकी जानकारी मिलती तो सड़क किनारे पार्क वाहन भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
एक घंटे तक लगा रहा जाम
धारचूला हाईवे पर वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहता है। हाईवे पर रई के पास सूखी घास में आग लगने से कैंटर बीच सड़क पर रोकना पड़ा। फायर सर्विस को बुलाकर आग बुझानी पड़ी। ऐसे में हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। एक घंटे तक लगे जाम में कई वाहन और यात्री फंसे रहे। आग बुझाने के बाद सड़क से जली घास को हटाकर जाम खोला जा सका तब जाकर वाहन चालक और यात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए।