पिथौरागढ़ खड़कोट इलाके में नौले से पानी लाती महिला
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चंडाक स्थित पावर ग्रिड फेल होने से नगर की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। इससे 50 हजार की आबादी को पानी नहीं मिल पाया। जल संस्थान ने टैंकरों से प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति की, लेकिन यह भी नाकाफी साबित हुई। क्षेत्रवासियों को नौलों-धारों और स्टैंडपोस्ट से पानी ढोना पड़ा।
पिथौरागढ़ में तीन पंपिंग योजनाओं घाट और ठुलीगाड़ से तीन-तीन एमएलडी, जबकि आधा एमएलडी क्षमता वाली रई योजना के जरिये पानी की आपूर्ति की जाती है। जल संस्थान इन योजनाओं से लगातार पंपिंग करता है। इसके बाद सात टैंकों में पानी स्टोर करने के साथ ही नगर में आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार शाम छह बजे पावर ग्रिड फेल हो गया था। दो घंटे बाद आपूर्ति बहाल होने के बाद रात 12 बजे दोबारा ग्रिड बैठ गया। सुबह पौने सात बजे आपूर्ति बहाल हुई। इससे पहले ग्रिड फेल होने से तीनों पंपिंग योजनाएं ठप हो गई। रातभर योजनाओं से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया।
इधर, देर शाम जल संस्थान के टैंक भी खाली हो गए। पंपिंग योजना ठप होने से खड़कोट, सेरा, कुजौली, कुमौड़, नगर पालिका, भाटकोट, टकाना आदि क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। जल संस्थान के ईई विशाल कुमार ने बताया कि बिजली न होने से पानी लिफ्ट और स्टोर नहीं किया जा सका। इसके चलते नगर के कई क्षेत्रों में सुबह की पाली में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। उन्होंने बताया कि शाम की पाली में आपूर्ति बहाल की गई।
ग्रिड फेल होने से रात भर गुल रही बिजली
ग्रिड फेल होने से रात में कई बार बिजली गुल हुई। शाम छह बजे से सवा आठ बजे तक आपूर्ति बाधित रही। मरम्मत के बाद साढ़े 11 बजे आपूर्ति सुचारु हुई, लेकिन रात 12 बजे ग्रिड दोबारा बैठ गया। ढाई बजे से पौने सात बजे तक आपूर्ति ठप रही। वितरण खंड के ईई नितिन गर्खाल ने बताया कि हाई वोल्टेज के चलते ग्रिड फेल हो गया था। रात भर मरम्मत के बाद सुबह आपूर्ति बहाल कर दी गई।