सड़क के मलबे से क्षतिग्रस्त अस्कोट के जोग्यूड़ा, बगडीहाट को जाने वाली पाइप लाइन
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सड़क का मलबा पेयजल लाइन में डालने से नेपाल सीमा से सटे जोग्यूड़ा और बगड़ीहाट की 1300 आबादी पानी के लिए तरस गई है। पानी के लिए लोग छह दिन से परेशान हैं। पेयजल लाइन पर मलबा डालने वाला सीमा सड़क संगठन मलबा हटाने की बात तो कर रहा है, लेकिन पेयजल योजना की मरम्मत करने को तैयार नहीं है।
13 जुलाई को पिथौरागढ-तवाघाट एनएच के लखनपुर के पास सड़क पर मलबा गिर गया था। बीआरओ ने इस मलबे को सड़क से नीचे धकेल दिया। इस कारण जोग्यूड़ा और बगड़ीहाट की पेयजल योजना कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे 350 परिवार पानी के लिए तरस गए हैं। प्रधान राम सिंह बिष्ट, योगेंद्र पाल, नरेंद्र चंद, बलवीर चंद, ललित पाल, जीवन राम, मनी राम, कालू सिंह ने बताया कि इलाके के लोगों को एक किमी दूर नदी से पानी लाना पड़ रहा है। दूषित पानी से बीमारियों का भी खतरा पैदा हो गया है।
इन लोगों का आरोप है कि बीआरओ हमेशा सड़क का मलबा नीचे को लुढ़का देता है, इससे पेयजल योजना के साथ ही वनस्पति को भी क्षति पहुंच रही है। इन लोगों ने योजना की मरम्मत न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उधर, बीआरओ के जेई नितिन चौहान का कहना है कि मलबा हटाने के लिए मजदूर लगा सकते हैं, लेकिन योजना की मरम्मत नहीं कर सकते।
जोग्यूड़ा, बगड़ीहाट की योजना में अस्थायी व्यवस्था के तहत प्लास्टिक के पाइप लगाकर पानी चलाया जाएगा। बीआरओ मलबा हटा दे तो लोहे के पाइप लगाए जाएंगे।
-रूपेश आर्या, जेई जल संस्थान