लोहाघाट(चंपावत)। बाराकोट ब्लॉक की ग्राम पंचायत इजड़ा में सलना-इजड़ा पेयजल योजना पिछले 10 दिनों से ठप है। योजना से पानी नहीं मिलने के कारण इजड़ा समेत सात गांवों के सैकड़ों परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को घरेलू जरूरतों और पशुओं के लिए दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
पेयजल आपूर्ति बाधित होने से इजड़ा, लोहाश्री, देगांव, चूरा, धूरा, बसौड़ी और कनियाना गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दस दिन से पानी नहीं आने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक पेयजल योजना लंबे समय से क्षेत्र की जरूरत पूरी कर रही थी, लेकिन लाइन में खराबी आने के बाद से लोग प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। पशुओं के लिए पानी जुटाना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। ग्रामीण जगदीश चंद्र, सुमित सिंह, प्रकाश चंद्र, चंद्रशेखर, सौरभ पंत और कैलाश समेत अन्य लोगों ने जल संस्थान से जल्द लाइन की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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बारिश के दौरान सलना-इजड़ा पेयजल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हैं। दो दिन के भीतर पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशांत वर्मा, अभियंता, जल संस्थान लोहाघाट