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पेयजल मंत्री के नगर में ही पानी का संकट

Sat, 22 Apr 2017 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
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पानी की समस्या - फोटो : अमर उजाला
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अफसरों की शुक्रवार को उस समय किरकिरी हो गई जब पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के नगर में मौजूद होने के बावजूद आधे नगर की पेयजल सप्लाई ठप हो गई। यह भी तब हुआ जबकि एक दिन पहलेे मंत्री ने बैठक लेकर पेयजल सप्लाई के मामले में गंभीरता दिखाने को कहा था। बताया गया है कि घाट पंपिंग योजना में फाल्ट आ जाने के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। जल संस्थान के कर्मचारियों ने रात भर इस खराबी दूर करने का प्रयास तो किया लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। जल संस्थान के अधिकारी इसी कोशिश में लगे रहे कि कम से कम पेयजल मंत्री की मौजूदगी में समस्या खड़ी न हो लेकिन नगर के करीब 60 फीसदी हिस्से में पानी नहीं पहुंचा।
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घाट पंपिंग योजना को अब जबर्दस्ती संचालित किया जा रहा है। महीने में दो बार कोई न कोई दिक्कत जरूर आ रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई अधिकारियों की बैठक में पेयजल संकट पर ही चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री और पेयजल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पेयजल सप्लाई के मामले में गंभीरता दिखाएं। जल संस्थान के अवर अभियंता सीएम चनकन्याल ने बताया कि घाट पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। इस कारण पीडब्ल्यूडी टंकी से जुड़े घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, बजेटी, जीआईसी रोड, चिमसियानौला समेत तमाम इलाकों में पेयजल की सप्लाई प्रभावित रही। उन्होंने कहा कि अब शनिवार से पेयजल सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। पानी न मिलने से लोगों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन तो हो गया लेकिन बुनियादी समस्याओं को हल करने की दिशा में अधिकारी और मंत्री संजीदा नहीं हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने कहा है कि भाजपा सरकार जन समस्याओं का निदान नहीं करेगी और लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि नगर के पेयजल संकट के मामले में मंत्री को जवाब देना चाहिए। 


डीडीहाट और बेड़ीनाग में भी संकट गहराया
डीडीहाट/बेड़ीनाग। डीडीहाट, बेड़ीनाग नगर और उससे सटे गांवों में पेयजल का संकट गहरा गया है। बेड़ीनाग में चौथे दिन और डीडीहाट में तीसरे दिन पेयजल की सप्लाई हो पा रही है। प्राकृतिक स्रोतों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। टैंकरों से पानी बांआ जा रहा है लेकिन इतनी बड़ी आबादी के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाना संभव नहीं है। जल संस्थान पेयजल संकट से निपटने का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।
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