नगर में पेयजल का संकट और गहरा गया है। प्राकृतिक स्रोतों पर आधारित नगर की पेयजल योजना में पानी कम होता जा रहा है। इस कारण कई मोहल्लों में तीसरे दिन पानी की सप्लाई की जा रही है। नगर के लिए नौ प्राकृतिक स्रोतों का पानी एकत्र कर लाया जाता है। इनमें से चार स्रोतों का पानी न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार समय पर धन दे देती तो लिफ्ट पेयजल योजना का काम पूरा हो जाता और लोगों के सामने संकट की स्थिति नहीं आती।
डीडीहाट नगर के लिए रोजाना दो एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन गर्मियों में मात्र 0.5 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पाता है। जल संस्थान को मजबूरी में पेयजल वितरण के लिए ब्रेक करना पड़ता है। अभी जल संस्थान ने वाहनों के जरिए पेयजल की सप्लाई शुरू नहीं की है। शिव मंदिर वार्ड में पांचवें दिन पानी मिल पा रहा है। जीआईसी वार्ड और तहसील वार्ड में भी अब समस्या गंभीर होने लगी है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने कहा कि अभी वाहनों से पानी वितरण की अनुमति नहीं मिल पाई है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो वाहनों से पानी बांटना शुरू कर दिया जाएगा।
पेयजल योजना की मरम्मत की जाए
पिथौरागढ़। चंडाक से चमाली तक सड़क निर्माण के दौरान मझेड़ा गांव की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। इस कारण गांव में पेयजल का संकट गहरा गया है। विण की ब्लॉक प्रमुख अंजू लुंठी ने सड़क निर्माण करने वाली पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कहा है कि शीघ्र क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत करें, ताकि गांव के लोगों को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।