रियांसी गांव में स्कूल ड्रेस सिलती महिलाएं।
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पिथौरागढ़। हाथ में कुदाल और दातुली लेकर खेतों में व्यस्त रहने वालीं ग्राम पंचायत रियासी की महिलाएं स्कूल ड्रेस सिलकर अपने जीवन में सार्थक बदलाव ला रही हैं।
कोरोना काल में बंद हुआ ओएनजीसी देहरादून से प्रायोजित सिलाई प्रशिक्षण सोमवार से फिर चालू हो गया। दो बैच में 60 महिलाएं इस हुनर को सीख रहीं हैं।
सोसायटी फॉर एक्शन इन हिमालया के बैनर तले मूनाकोट विकासखंड के रियासी गांव की महिलाओं ने पिछले साल सिलाई का प्रशिक्षण लिया था।
तब शुरू हुआ प्रशिक्षण करीब सवा महीने बाद कोरोना के कारण बंद हो गया था। हालांकि कुछ महिलाओं ने कोरोना काल में मास्क बनाकर आय के साथ नाम भी कमाया।
शिविर की शुरुआत पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने भी इसी संस्था से स्कूल ड्रेस खरीदने की योजना बनाई थी। अब स्कूल खुलने पर सोमवार को फिर से महिलाएं प्रशिक्षण लेने पहुंचीं। प्रशिक्षक तुलसी शाह ने महिलाओं को पहले कागज की ड्रेस बनाना सिखाया।
आयोजक संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि हर साल जिले में चार करोड़ रुपये की स्कूल ड्रेस बाहर से आती है। इसलिए उनकी योजना है कि 10 गांवों की 600 महिलाओं को इस आजीविका से जोड़ा जाए।