अपने बच्चों के साथ डॉ रेनी पांगती।
- फोटो : AMAR UJALA
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में सर्जन डॉ. रैनी पांगती परिवार से पहले गर्भवती महिलाओं के उपचार को तवज्जो देती हैं। कोरोना काल में उन्होंने बच्चों से कहा है इलाज के दौरान वह कभी भी संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें खुद अपनी देखभाल करनी होगी। डॉ. रैनी के पति डॉ. हेमंत मर्तोलिया पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग में ही डिप्टी सीएमओ के पद पर तैनात हैं। इन दिनों वह नौ बजे आफिस चले जाते हैं। शाम को वापसी का निश्चित समय नहीं हैं। उनके दो बच्चे हैं। डॉ. रैनी सभी को नाश्ता करा कर ड्यूटी पर पहुंचती हैं। उनका कहना है कि मरीज पहले हैं। हम ग्रीन जोन में हैं, बावजूद इसके पूरी सावधानी से इलाज कर रहे हैं। पिछले हफ्ते अस्पताल में दिल्ली से घर वापस आई महिला चेकअप कराने पहुंची। वह तीन माह की गर्भवती थी। महिला को संदिग्ध मानते हुए पीपीई किट पहन जांच की गई। शुक्रवार को उन्होंने दिन की ड्यूटी में तीन आपरेशन किए। जरूरत पड़ने पर वह रात में भी प्रसव को पहुंचती हैं। अस्पताल आने वाली सभी महिलाओं को वह कोरोना वायरस के प्रति जागरूक कर रही हैं। डॉ. रैनी घर में परिवार के लिए खाना बनाती हैं। ऐसे में उन्हें मरीजों के इलाज के वक्त बेहद सावधानी रखनी पड़ती है। उनका कहना है कि बगैर खतरा उठाए इलाज करना संभव नहीं है। उन्होंने दोनों बच्चों को कोरोना वायरस की जानकारी दी है। बेटा-बेटी भी अपने मां-पिता की ड्यूटी को समझते हुए पढ़ाई में जुटे रहते हैं। (संवाद)