फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवान छांगरु में तैनात

विज्ञापन
हेलीकॉप्टर से छांगरु जाते नेपाल के जवान। - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
कालापानी पर नजर रखने के लिए छांगरु में बनाई बीओपी बैतड़ी(नेपाल)। लीपूलेख कालापानी पर नजर रखने के लिए नेपाल सशस्त्र प्रहरी और नेपाल प्रहरी के 34 जवान छांगरू पहुंच गए हैं। नेपाल सरकार ने कालापानी में भारतीय गतिविधियां देखने के लिए स्थायी तौर पर जवानों की तैनाती कर दी है। कुछ दिन पहले भारत सरकार ने कालापानी लीपूलेख होते हुए चीन सीमा तक सड़क का उद्घटना किया है। उद्घाटन के बाद से ही नेपाल में कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी को देखते हुए नेपाल सरकार ने छांगरू में बार्डर एरिया चैकपोस्ट बना दिया है। नेपाल सरकार भारत से लगे नेपाल के क्षेत्र में एक और बीओपी बनाने जा रही है। दोनों जगह बीओेपी बनाने के लिए स्थान का चयन करने के साथ ही धनराशि रिलीज कर दी है। इन चैकपोस्टों में नेपाल सशस्त्र प्रहरी और नेपाल प्रहरी के जवान साल भर तैनात रहेंगे। अभी तक छांगरु में नेपाल प्रहरी के जवान छः माह ही रहते थे। बुधवार को दार्चुला के खलंगा से हैलीकॅाप्टर के माध्यम से सशस्त्र प्रहरी के 25 और नेपाल प्रहरी के नौ जवानों को वहां भेजा गया है। नेपाल सरकार ने व्यास गांवपालिका एक छांगरु में निरीक्षक नीली बहादुर चंद के नेतृत्व में भेजे गए जवानों को अस्थायी तौर पर किराए के घर और टेंटों में रखा है। वहां पहुंचने के बाद जवानों ने क्षेत्र में पैट्रोलिंग भी शुरु कर दी है। सभी सुविधाओं से लैस नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवान क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की रिपोर्ट प्रतिदिन दार्चुला बेस कैप के साथ ही मुख्यालय भी भेजेंगे। छांगरु में बना चैकपोस्ट भारतीय क्षेत्र सीतापुल के पास पड़ता है। बाक्स......... विद्यार्थी संघ ने लीपूलेख मामले में सरकार को भेजा ज्ञापन बैतड़ी(नेपाल)। नेपाल विद्यार्थी संघ ने लीपूलेख सड़क पर आपत्ति जताते हुए भारत सरकार का विरोध किया है। संघ के पदाधिकारियों ने प्रमुख जिलाधिकारी आनंद पौडेल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा है। विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष कपिल केसी ने बैतड़ी में नेपाल सरकार को भारत को नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण करने लिए चेताया है। सरकार को भेजे ज्ञापन में छः माह पहले भारत के नक्शे पर कालापानी सहित भूभाग को दर्शाने पर आपत्ति जताई है। ज्ञापन में लीपूलेख नेपाल का हिस्सा होने के साथ ही भारत को उस क्षेत्र से तुरंत कब्जा हटाने को कहा है। उन्होंने नेपाल सरकार से इस सबंध में कूटनीतिक पहल करते हुए बीजिंग में हुए भारत चीन समझौते को रद्द करने की मांग की है। सरकार ने इस पर मसले पर हस्तक्षेप न करने की दशा में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में महेश भट्ट आदि मौजूद रहे। (संवाद) ...........
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें