पिथौरागढ़। न्यू सेरा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापिका और साहित्यकार डाॅ. आनंदी जोशी के कुमाऊंनी कहानी संग्रह ‘द्वी घरनकि लाज’ का विमोचन ज्ञान प्रकाश संस्कृत पुस्तकालय की काव्य गोष्ठी में हुआ। डाॅ. आनंदी ने कहा कि उन्होंने इस कहानी संग्रह में अपने अनुभवों के सत्य को अपनी कहानियों के माध्यम से उजागर करने का प्रयत्न किया है। इस पुस्तक में उनकी लिखित ग्यारह कुमाऊंनी कहानियां संग्रहीत हैं।
डाॅ. पीतांबर अवस्थी ने कहा कि इस कहानी संग्रह में पहाड़ की महिलाओं के संघर्ष और ग्रामीण परिवेश को दिखाया गया है। बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य ने कहा कि डाॅ. आनंदी जोशी ने कहानी संग्रह के माध्यम से पहाड़ की नारी की पीड़ा और गांवों से हो रहे पलायन को दर्शाया है। इससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में डाॅ. प्रमोद कुमार श्रोत्रिय, मंजुला अवस्थी, जनार्दन उप्रेती, राजेश मोहन उप्रेती, चिंतामणि जोशी, डीपी जोशी, डाॅ. दीप चौधरी, दिनेश भट्ट, लक्ष्मी आर्या, आशा सौन, जयमाला देवलाल, अनीता जोशी, डाॅ. नीरज चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।