बुधवार सुबह तक जिला मुख्यालय के आसपास की चोटियों पर हुए हिमपात और बारिश के कारण बृहस्पतिवार को तापमान में भारी गिरावट आ गई।
बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री पहुंच गया है। बृहस्पतिवार सुबह कुछ देर तक कोहरे का असर रहा, लेकिन बाद में साफ धूप निखरी। दिन भर बर्फीली हवाएं चलने से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
बृहस्पतिवार को यहां का अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मुनस्यारी में अधिकतम तापमान 9 डिग्री से ऊपर नहीं उठ पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार एक-दो दिन तक मौसम सामान्य बना रहेगा। 25 जनवरी के बाद फिर से बारिश एवं चोटियों पर हिमपात की संभावना बन रही है।
मुनस्यारी में बृहस्पतिवार को धूप निखरी तो पंचाचूली, राजरंभा की चोटियां चमकने लगी। इन चोटियों पर बीते दिनों जमकर बर्फ गिरी है। अस्कोट के पास छिपलाकेदार में पहाड़ी पर भी जमकर हिमपात हुआ है। अस्कोट से छिपलाकेदार की चोटियों का सौंदर्य मोहक लग रहा है।
इस बीच मध्यम स्तर की बारिश से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। अभी फसलों के लिए अच्छी बारिश की दरकार है। घाटी वाले इलाकों में लोग खेतों की निराई के काम में जुटने लगे हैं। सब्जियों और फसलों को बारिश ने थोड़ी राहत पहुंचाई है।
हिमपात के कई फायदे
पिथौरागढ़। मौसम विभाग का कहना है कि हिमपात के कई फायदे होते हैं। इससे पानी के स्रोत रिचार्ज होने लगते हैं और जमीन के अंदर पनपने वाले कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। मानव स्वास्थ्य के लिए भी हिमपात का होना लाभदायक है। मौसम विज्ञान विभाग के उपमहानिदेशक डा. आनंद शर्मा ने बताया कि ताजा हिमपात का लंबे समय तक असर रहेगा। तापमान संतुलित रहेगा और गर्मी का असर जल्दी नहीं होगा।