अमर उजाला ब्यूरो
पिथौरागढ़। लॉकडाउन के इस दौर में स्ट्रैस, डिप्रेशन के साथ ही भविष्य को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। मगर "उम्मीद और हिम्मत" किसी भी परिस्थति में दो वह साधन हैं जो हमें किसी भी समस्या से बाहर निकालने में समर्थ हैं। विश्वास करिए कि यह समय आपके आने वाले भविष्य को बहुत सुनहरा और उज्जवल बनाने में कारगर साबित हो सकता है।
यह कहना है मोटिवेशनल और कॅरियर काउंसलर अजय ओली का। अजय ओली बताते हैं अगर इस वक़्त हम अपनी पांच विशेषताओं पर ध्यान दें तो हमे कॅरियर और जॉब सिक्योरिटी का स्ट्रैस नहीं होगा। पहला "एडोपटबिलिटी" यानि हमें जीवन में किसी भी परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है तो खुद को समय और परिस्थिति के अनुरूप ढालना सीखिए।
दूसरा "वर्सीटेलिटी", इसका अर्थ है अपनी अलग अलग विशेषता को पहचानें और अपने भविष्य को संवारने के लिए विचार करें।
तीसरा "क्रिएटिविटी" - हम सब में हुनर और कुछ अलग करने की क्षमता होती है, तो अपने यूनिक क्वालिटी को पहचानिए और इस लॉकडाउन पीरियड में अपने फील्ड में परफेक्ट हो जाइए।
चौथा -"अकाउंटेबिलिटी" या "रिस्पांसिबिलिटी" इसका अर्थ है अपने भविष्य के लिए हम ही जिम्मेदार हैं तो अपनी जिम्मेदारी लेना सीखें और इस वक़्त में उन क्षेत्रों की खोज करें जिनमें आपको मजा आए और आपका भविष्य भी सर्वश्रेष्ठ मुकाम तक पहुंचे।
आखिरी में पांचवा - "आइडेंटिटी" ये तय है कि अगर हम संयम से काम लें तो कुछ वक़्त बाद ये परेशानी या इस बीमारी से हमें आराम मिल जाएगा। तब तक इस वक़्त में ऐसे कॅरियर को आइडेंटिफाई करें जिसमें स्कोप बढ़ने वाले हैं। जैसे कि फूडिंग सेक्टर, ऑनलाइन सेक्टर, मेडिकल सेक्टर, एग्रीकल्चर सेक्टर, डिजिटल एजुकेशन, काउंसलिंग सेक्टर, इंश्योरेंस सेक्टर और भी बहुत। इसके अलावा बुक रीडिंग, मेडिटेशन, कुकिंग, अपने घरवालों के साथ वक़्त बिताएं और ज्यादा से ज्यादा जानकारी एकत्रित करने से भी लाभ मिलेगा और अपने आने वाले भविष्य को अभी से निर्धारित कर पाएंगे।