बस्तड़ी के ठुलाखाली में खाली पड़े टेंट
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बस्तड़ी के आपदा प्रभावितों के लिए ठुलखाली (सिंगाली) पर बनाए गए टेंटों में अब कोई भी आपदा प्रभावित नहीं रहता। आपदा प्रभावित या तो किराए के मकानों में रह रहे हैं, या रिश्तेदारों के वहां उन लोगों ने शरण ले रखी है। बुधवार को आपदा प्रभावितों से मुलाकात को गए पूर्व जिपं अध्यक्ष किशन सिंह भंडारी को ठुलखाली के टेंटों में एक भी प्रभावित नहीं मिला। भंडारी ने बताया कि टेंटों में असुविधा के चलते एक भी प्रभावित वहां नहीं रह रहा है।
उन्होंने सरकार पर गंभीर नहीं रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तड़ी आपदा के पांच महीने बाद भी सरकार आपदा प्रभावितों के लिए मकानों का निर्माण शुरू नहीं करा पाई है। ठुलखाली की जमीन आपदा प्रभावितों के नाम आवंटित नहीं हुई है। उन्होंने कहा आपदा प्रभावितों के घावों पर मरहम लगना ही चाहिए। भ्रमण में जिला पंचायत सदस्य जमुना लोहिया, ज्येष्ठ प्रमुख अजीत डसीला, क्षेत्र पंचायत सदस्य विवेक जोशी, प्रह्लाद चुफाल आदि शामिल थे।