पिथौरागढ़ में विकास कार्यों की समीक्षा करते प्रभारी डीएम
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प्रभारी जिलाधिकारी आशीष कुमार चौहान ने लक्ष्य हासिल करने में पिछड़ रहे विभागों को कड़ा संदेश देते हुए 10 अधिकारियों से जवाब-तलब करने के साथ ही अगले आदेश तक उनका वेतन रोक दिया है। उन्होंने कार्यशैली में बदलाव न लाने पर शासन को प्रतिकूल प्रविष्टि की संस्तुति करने की चेतावनी दी है।
मासिक स्टाफ बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान धीमी गति से धनराशि व्यय करने, राजस्व विभाग की धीमी वसूली, टॉस्क फोर्स द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष धीमी गति से विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने, समय पर भूमि चयन न करने के साथ ही बीस सूत्रीय कार्यक्रम में डी और सी श्रेणी प्राप्त होने पर नाराजगी जताई। प्रभारी डीएम ने अवमुक्त धन खर्च न होने पर अधिशासी अभियंता लोनिवि बेड़ीनाग, अस्कोट, अधिशासी अभियंता सिंचाई धारचूला, जिला पर्यटन अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, मुख्य कृषि अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य विकास अधिकारी और बिक्री कर अधिकारी से जवाब तलब करते हुए एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के आदेश जारी किए।
उन्होंने सभी विभागों को दो महीने के भीतर अवमुक्त धनराशि को व्यय करने के निर्देश दिए। टॉस्क फोर्स में तैनात अधिकारियों को महीने में कम से कम 25 कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रभारी डीएम ने विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करने का पत्र उपलब्ध करने के निर्देश दिए। स्वीकृत विकास कार्यों के लिए भूमि चयन कराने के निर्देश एडीएम मोहम्मद नासिर को दिए गए। बताया गया कि जिले में मुख्यमंत्री की घोषणा के 39 मामले लंबित थे। 11 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। शेष मामलों के निराकरण के लिए 15 दिन की अवधि तय की गई। जिला अर्थ संख्याधिकारी कार्यालय की ओर से अवमुक्त और व्यय धनराशि की जानकारी दी गई।