आदीचौरा क्षेत्र की पांच ग्राम सभाओं को पेयजल की आपूर्ति करने वाली पेयजल योजना की पांच माह बाद भी मरम्मत नहीं हो पाई है। जून में भारी बारिश के दौरान यह पेयजल योजना ध्वस्त हो गई थी। विभाग ने अभी योजना की मरम्मत का काम तक शुरू नहीं किया है। आक्रोशित लोगों ने सोमवार को तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। साथ ही मंगलवार को यहां होने वाले तहसील दिवस में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
तहसील मुख्यालय से 15 किमी दूर आदीचौरा कस्बे से लगे पांच गांवों के ग्रामीण जून 2017 से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। बरसात के मौसम में तो स्रोतों के पानी से काम चलाया जा रहा था लेकिन अब स्रोत सूख गए हैं। लोगों को काफी दूर से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। लोगों का पूरा समय पानी की व्यवस्था में लग रहा है। आदीचौरा के समाजसेवी बलवंत सिंह मेहरा ने बताया कि बारिश के दौरान घनधूरा-आदीचौरा पेयजल योजना कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई थी। 15 किलोमीटर लंबी इस पेयजल योजना का संचालन पहले जल निगम करता था लेकिन बाद में जल निगम ने इस योजना की देखरेख छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि इस समय आदीचौरा, हुनेरा, हुमकापीटा, काफलीगैर और चुपड़ाखेत के ग्रामीण पीने के पानी के लिए चार से पांच किमी दूर का पैदल तय कर पानी को ढो रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में खड़क सिंह चौहान, संजू चौहान, हयात सिंह मेहरा, जीवन बोरा, भूपाल सिंह चौहान, त्रिलोक सिंह मेहरा, लछम सिंह चौहान, ललित सिंह आदि शामिल थे।