धारचूला का संयुक्त चिकित्सालय।
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संयुक्त चिकित्सालय धारचूला में रेडियोलॉजिस्ट और तकनीशियन न होने के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। मरीजों को अल्ट्रासाउंड व एक्सरे कराने के लिए या तो निजी क्लीनिक ों में आना पड़ रहा है,या फिर सौ किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के बेस कैंप, जिले की चीन सीमा से सटे धारचूला तहसील में स्थित संयुक्त चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे अमर उजाला की टीम पहुंची तो सभी चिकित्सक और स्टाफ अपने-अपने कक्षों में कार्य कर रहे थे। इमरजेंसी कक्ष में सन्नाटा था। लोग पर्चे कटाकर डाक्टरों के पास जा रहे थे। लैब में लैब तकनीशियन जांचे कर रहे थे। महिला वार्ड में कुछ महिलाएं नवजात बच्चों के साथ रुटीन के परीक्षण करा रही थी। मरीजों ने बताया कि ज्यादातर दवाईयां चिकित्सालय से दी जा रही हैं, किन्तु कुछ दवाईयां बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। दो एंबुलेंस आंगन में खड़े थे। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एमएस जायसवाल मरीजों को मौसम परिवर्तन के दौरान पानी और भोजन की स्वच्छता के बारे में बता रहे थे।
डॉक्टर जायसवाल ने बताया कि अस्पताल में महिला चिकित्सक और तीन नए एमबीबीएस चिकित्सक की हाल में नियुक्ति हुई है। अस्पताल में चौदह डॉक्टरों के सापेक्ष दो संविदा डॉक्टरों समेत आठ डॉक्टर तैनात हैं। डेंटल सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञ के अस्पताल में होने से मरीजों को राहत मिल रही है। अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड न होने से मरीज परेशान दिखे।
14 एएनएम के पद खाली
धारचूला। धारचूला तहसील क्षेत्र में 28 एएनएम के स्थान पर मात्र 14 एएनएम तैनात हैं। धारचूला अस्पताल में चीफ फार्मेसिस्ट का पद रिक्त हैं। एक लैब तकनीशियन के सहारे सैंपलों की जांच का कार्य चल रहा है। चौकीदार के भी तीन पद खाली हैं।
इनसेट
अस्पताल में पानी की किल्लत
धारचूला। संयुक्त चिकित्सालय में पेयजल की समस्या बनी हुई हैं। लगतार पानी नहीं आने के चलते मरीजों और स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार पानी की आपूर्ति न होने से मरीजों के साथ ही तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।