मनरेगा में चार महीने से कुशल श्रमिक और सामग्री खरीद के लिए धनराशि नहीं मिली है। इस कारण चार महीने से गांवों में विकास के काम ठप पड़े हैं। इससे आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर डीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया और धन मिलने में आ रही दिक्कत को तत्काल दूर करने की मांग की। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा मद में पर्याप्त धन की व्यवस्था कर रखी है। जल्दी ही सभी ग्राम पंचायतों को धन मिल जाएगा।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा से कई परिवारों की आजीविका चलती है। इसके लिए बाकायदा जॉबकार्ड बनाए गए हैं और काम के प्रस्ताव तैयार करने के बाद उन पर काम भी किया जा चुका है। लंबे समय से धन न मिलने के कारण गांवों में बेरोजगारी होने लगी है। जॉबकार्ड धारक पहले पुराना भुगतान करने की मांग पर अड़े हैं।
उन्होंने एलान किया कि यदि जल्दी धनराशि नहीं मिली तो क्षेत्र पंचायत की बैठकों का बहिष्कार किया जाएगा। प्रदर्शन में कैलाश जोशी, आनंद सिंह, विनोद देवलाल, राजेंद्र जोशी, हरीश प्रसाद, भरत चंद, सुरेंद्र सिंह, योगेश जोशी, कमला देवी, चंद्रशेखर भट्ट आदि प्रधान थे।
वित्त आयोग का पैसा एनजीओ को नहीं जाएगा
वित्त आयोग की धनराशि के वितरण की जिम्मेदारी एक स्वयंसेवी संगठन को दिए जाने का प्रधानों ने विरोध किया है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह के नेतृत्व में प्रधानों ने इस मुद्दे पर घोर आपत्ति की। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि वित्त आयोग की धनराशि किसी एनजीओ को नहीं दी जाएगी। ग्राम पंचायतें अपनी जरूरत के अनुसार इस धन को खर्च करेंगे।