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धनराशि खर्च न होने पर डीएम नाराज

Sun, 19 Feb 2017 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में विकास कार्यों की समीक्षा करते डीएम डा. रंजीत सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने विकास कार्यों के लिए अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष कम खर्च होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने 31 मार्च तक प्राप्त धन को हर हाल में खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
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विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिला योजना से विभिन्न विभागों को 33 करोड़, 50 लाख, 4 हजार रुपए की धनराशि अवमुक्त की गई थी। जनवरी 2017 तक 19 करोड़, 90 लाख 67 हजार रुपए यानि कि 59.42 प्रतिशत धन ही खर्च हुआ है। राज्य योजना में 22 अरब 77 लाख, 94 हजार रुपए के सापेक्ष 17 अरब, 8 करोड़, 56 लाख, 66 हजार रुपए (80.88 प्रतिशत) धन खर्च हुआ है। केंद्र योजनांतर्गत 21 अरब 95 लाख, 13 हजार रुपए के सापेक्ष 17 अरब 2 लाख, 50 हजार रुपए (80.60 प्रतिशत) धन खर्च हुआ है। कम धन खर्च करने वाले विभागों में लोनिवि, पर्यटन, सिंचाई, उरेडा, उद्यान, वन, पेयजल, लघु सिंचाई, सेवायोजन विभाग शामिल है।

जिलाधिकारी ने कहा कि कम धन व्यय करने वाले विभाग तीन दिन के भीतर कार्ययोजना तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराएंगे। धन व्यय न होने के कारणों की जानकारी भी देंगे। जो विभाग धन खर्च करने में असमर्थ हैं, उसकी भी सूचना तीन दिन के भीतर देनी होगी, ताकि उक्त धनराशि अन्य विभागों को आवंटित की जा सके। डीएम ने कहा जिला योजना से मिली धनराशि से मरम्मत और साज-सज्जा का काम न करें। कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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तीन दिन ओपीडी में बैठेंगे सीएमओ, डिप्टी सीएमओ
जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने मुख्य चिकित्साधिकारी, डिप्टी सीएमओ और जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी को सप्ताह में तीन दिन जिला अस्पताल की ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए हैं। जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी को एक महीने के भीतर जिले के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
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