चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के ग्रामीण बैंक कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे, जिससे दोनों जिलों की 30 शाखाओं में 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने भारी बारिश के बीच मुख्य शाखा के सामने प्रदर्शन किया। बैंक कर्मी ग्रामीण बैंकों के निजीकरण के विरोध में आंदोलित हैं।
प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ग्रामीण बैंकों के निजीकरण का प्रयास कर रही है, यदि ऐसा किया गया तो हजारों लोगों की रोजीरोटी पर संकट आ जाएगा। मांग की गई कि ग्रामीण बैंकों में मिश्रा कमेटी की ओर से जारी नियमों को लागू किया जाए। वेतन समझौतों को ग्रामीण बैंकों में भी पूरी तरह पालन कराया जाए। मृतक आश्रितों को नौकरी देने के लिए तत्काल आदेश जारी किए जाएं और बैंकों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
चेताया अगर सरकार ने तत्काल मांगें पूरी नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सभा को ग्रामीण बैंक कर्मचारी संगठन के क्षेत्रीय सचिव विजय भंडारी, अजय जोशी, डा. दिनेश पाठक, पीआर दुग्ताल, कमलेश पांगती, गजेंद्र मपवाल, अजेंद्र चौधरी, दीपेश बोहरा, एलपी पंत, श्याम थरकोटी, होशियार राम आदि ने विचार रखे।