जिला अस्पताल में बरामदे में भर्ती मरीज। संवाद
पिथौरागढ़। बरसात के सीजन में बीमारियां भी काफी बढ़ रही हैं। इसका दबाव जिला अस्पताल पर भी देखने को मिल रहा है। ओपीडी में भी रिकाॅर्ड उछाल आया है। हर रोज एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से यहां बिस्तर लगाने के लिए अब बरामदा भी कम पड़ने लगा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरामदे और गैलरी में 40 अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया गया है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में 120 बेड की क्षमता के सापेक्ष 160 मरीज भर्ती हुए। अस्पताल प्रबंधन मजबूरी में मरीजों को बरामदे में भर्ती कर इलाज कर रहा है। सर्वाधिक रोगी वायरल बुखार, सांस फूलने की बीमारी, निमोनिया और टायफायड से ग्रसित हैं। कई मरीजों को डॉक्टर दवाएं देकर घर पर आराम करने की सलाह दे रहे हैं जबकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रोगियों का दबाव बढ़ने से सभी बेड फुल होने पर अब बरामदे में अतिरिक्त बिस्तर लगाने पड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को बरामदे और गैलरी भी फुल हो गई। ऐसे में मरीजों को सीमित समय के लिए भर्ती कर इलाज के बाद घर भेजना मजबूरी बन गया है। बता दें कि जिला अस्पताल में एक सप्ताह पूर्व तक 600 से 750 ओपीडी हो रही थी। वर्तमान में ओपीडी में काफी उछाल आया है और यह 1300 तक पहुंच रही है।
रोगी के साथ तीमारदार आने से बढ़ रही अस्पताल में भीड़
जिला अस्पताल में रोगी के साथ तीमारदार आ रहे हैं। इससे अस्पताल में भीड़ बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक एक रोगी के साथ तीन से चार तीमारदार आने से परिसर सहित भीतर लगी भीड़ से दिक्कत हो रही है। मरीजों के साथ तीमारदारों की भीड़ बढ़ने से शौचालय, बरामदे सहित वार्डों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना अस्पताल प्रबंधन के लिए चुनौती बन रहा है।
कोट
इन दिनों ओपीडी बढ़ने के साथ ही मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हर मरीज को बेहतर इलाज मिले, इसके लिए बरामदे और गैलरी में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, पिथौरागढ़