चंपावत। जिले के मास्टर प्लान-2041 के प्रारूप पर मंगलवार को जिला सभागार में बैठक हुई। इसमें जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और नागरिकों ने प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मास्टर प्लान से बाहर रखने का सुझाव भी दिया। आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों के निर्धारण और कृषि भूमि से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रारूप है, अंतिम योजना नहीं। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने नागरिकों से लिखित सुझाव मांगे और किसी भी चिंता से मुक्त रहने का भरोसा दिलाया। मास्टर प्लान में सड़क, पार्क, विद्यालय, पार्किंग, सीवर व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता मिलेगी। चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव और सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट अनुभव चटर्जी ने प्रस्तुतीकरण दिया।